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भोपाल. नौकरी की चाह ने इन्हें फुटपाथी जिंदगी जीने को मजबूर कर दिया है। यह हालत है देशभर से रेलवे की नौकरी की तलाश में राजधानी पहुंचे हजारों युवकों की। जो इन दिनों डीआरएम कार्यालय के सामने फुटपाथ या भोपाल और हबीबगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर रोजाना डेरा डाल रहे हैं।
गत 23 सितंबर से हबीबगंज रेलवे कॉलोनी स्थित खेल मैदान में ग्रुप डी श्रेणी के पदों की भर्तियों के लिए फिजिकल एक्जाम टेस्ट (पीईटी) चल रहा है। जिसमें शामिल होने रोजाना हजारों उम्मीदवार राजधानी आ रहे हैं। इस परीक्षा में चयनित उम्मीदवार अगली लिखित परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे।
परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को सुबह साढ़े 5 बजे खेल मैदान पहुंचना पड़ता है। जहां दोपहर 2.30 बजे तक दौड़ की परीक्षाएं होती हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा मूलभूत सुविधाओं मुहैया न कराए जाने से उम्मीदवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को परीक्षा देकर निकले बनारस निवासी रविशंकर सिंह ने बताया कि सुबह साढ़े 5 बजे से आए थे। सुबह 6 बजे सत्यापन के दौरान अधिकारियों से पेशाब करके आने की अनुमति मांगी, तो उन्हें नहीं जाने दिया गया। ऐसी स्थिति में ही उन्हें 1500 मीटर दौड़ लगानी पड़ी।
बिहार निवासी नरेंद्र जाटव बताते हैं कि सुबह साढ़े चार बजे ट्रेन से उतरकर सीधे खेल मैदान पहुंचे थे। जहां पीने का पानी और शौचालय दोनों की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में बगैर मुंह धोए ही परीक्षा देनी पड़ी। लखनऊ निवासी रमेश बताते हैं कि दौड़ने के वक्त जो जर्सी दी गई थीं, उसमें इतनी बदबू आ रही थी। मजबूरी में जैसे तैसे पाउडर छिड़ककर पहनना पड़ा।
स्टेशन पर डेरा डाले हैं उम्मीदवार
मप्र, उप्र, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा समेत अन्य राज्यों के शहरों से हजारों उम्मीदवार रोजाना परीक्षा देने पहुंचते है। सोमवार को करीब छह सात सौ उम्मीदवार हबीबगंज और भोपाल रेलवे स्टेशनों पर डेरा डाले हुए थे।
महिला उम्मीदवारों का क्या होगा?
फिजिकल परीक्षाओं के अंतिम दो दिनों में महिला उम्मीदवारों को बुलाया गया है। खेल मैदान में महिलाओं के लिए शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था न होने से निश्चित गंभीर स्थिति सामना करना पड़ेगा।
रेलवे कर्मचारियों की भी शिकायत
खेल मैदान में उम्मीदवारों की दौड़ की परीक्षा संपन्न कराने 80 रेलकर्मचारियों का स्टाफ तैनात हैं। यह कर्मचारी सुबह 5 से शाम 4 बजे तक मैदान में तैनात रहते हैं। कर्मचारियों की शिकायत है कि 10 घंटे तक की लगातार ड्यूटी के दौरान दिया जाने वाला नाश्ता और चाय व भोजन घटिया गुणवत्ता का है। साथ ही पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसकी लिखित शिकायत रेलकर्मचारियों ने डीआरएम को की है।
क्या कहते हैं उम्मीदवार
सुबह साढ़े पांच मैदान पहुंचना था, रात सफर में कट गई। मैदान में न तो शौचालय है और न ही इतनी सुबह कुछ खाने पीने की व्यवस्था। ऐसे में भूखे पेट ही परीक्षा देना पड़ी।
-मिलन प्रसाद, छत्तीसगढ़
खेल मैदान के आसपास रुकने की कोई जगह ही नही है। इसलिए डीआरएम कार्यालय के बाहर फुटपाथ पर डेरा डाला है। जिससे सुबह साढ़े 5 बजे मैदान आसानी से पहुंचा जा सके।
-रामसहाय गौतम, जौनपुर
संबंधित अधिकारी से बातचीत करने मैदान पहुंचे थे। लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने घूसने नहीं दिया। आग्रह करने पर रेलवे कर्मचारियों ने बदसलूकी की।
-अमन लाल, कानपुर
अंतिम परीक्षा 12 दिसंबर को होना है, उम्मीदवारों के लिए शौचालय की व्यवस्था कराई गई है। संबंधित अधिकारियों को अतिरिक्त व्यवस्था कराने के निर्देश दे दिए गए हैं।
-पीके अग्रवाल, डीआरएम