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आम लोगों की क्या गलती थी?

इंदौर. सोमवार सुबह भाजपा और पुलिस के बीच चली नौटंकी में आम लोगों की बुरी तरह फजीहत हुई। मालवा मिल चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी से ही चौराहे के तमाम दुकानदार सहमे हुए थे। सुबह ट्रैफिक चल रहा था, मगर चौराहे पर पुलिस बल और गाड़ियां होने से वाहन आपस में गुत्थम-गुत्था हो रहे थे। रैली शुरू होने के साथ पाटनीपुरा से आने वाले वाहनों को रोक दिया गया। साथ ही मालवा मिल चौराहे की तरफ आने वाली शेष चार सड़कों का यातायात भी परिवर्तित कर दिया गया।

इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑफिस या काम पर जाने वाले लोग कोसते हुए निकल रहे थे। वहीं स्कूल व कॉलेज की बसें भी ट्रैफिक में फंस गई थी। पूरा ड्रामा खत्म होने के बाद भी यातायात को सुचारु होने में काफी समय लग गया।

दुकानदार और ग्राहक पिटे
पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कुछ कार्यकर्ता दुकानों में घुस गए। इस चक्कर में दुकानदारों के साथ ग्राहक भी पिट गए। जुलूस के कारण सड़क किनारे खड़े राहगीरों ने भी मार खाई। आखिर में दुकान दारों का कहना था कि उनकी क्या गलती थी?

दुकानों का सामान बिखर गया
पुलिस जवान दुकानों में घुसे तो उनका सारा सामान बिखर गया। कार्यकर्ताओं को निकालने के चक्कर में नुकसान को अनदेखा कर दिया गया। बाद में दुकानों के फटे शेड, टूटी कुर्सियां, बिखरा सामान नजर आ रहा था। सारा मामला शांत होने के बाद पाटनीपुरा रोड की सारी दुकानें जबर्दस्ती बंद करवा दी गईं।





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