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जयपुर. राजस्थान आवासन मंडल ने प्रताप नगर के सेक्टर 26 में 5000 रुपए प्रतिमाह तक की आय वाले शहरी निर्धन लोगों के लिए जो बहुमंजिला आवासीय योजना घोषित की थी, उसके पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब अधिकारियों में संशय की स्थिति है कि जिन लोगों ने इसमें आवेदन किया है, उन्हें किस कीमत के आधार पर आबंटन पत्र जारी करें। इस योजना के लिए वर्ष 2005 में आवेदन लिए गए थे। इसके पहले चरण में 30 नवंबर तक आबंटन पत्र जारी किए जाने थे, लेकिन नहीं किए जा सके।
आवासन मंडल ने 1 सितंबर को पहले चरण के आवास निर्माण की लागत निर्धारित कर दी थी, जिसके अनुसार एक आवास की कीमत 4.50 लाख होती है। योजना घोषित करते समय कीमत 2.85 लाख रुपए तय की गई थी। नियमानुसार लागत निर्धारित होने के तीन महीने में आबंटन पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन द्वारकापुरी के मामले में अधिकारी तीन महीने में तय नहीं कर सके कि किस कीमत पर आबंटन पत्र जारी करें।
निर्धन वर्ग के लिए प्रस्तावित इस आवासीय योजना में आवेदनकर्ताओं ने 10 हजार रुपए आवेदन के साथ जमा किए और लॉटरी से आबंटन होने के बाद उन्हें 17 हजार रुपए की तीन किस्त और 1980 रुपए की 240 किस्तें देनी थीं। आवास बनने के बाद पुनर्निर्धारित कीमत 4.50 लाख के आधार पर अब आबंटियों को 3862 रुपए की किस्त देनी पड़ेगी। बताया जाता है कि आवासन मंडल अध्यक्ष अजयपाल सिंह ने अधिकारियों को कीमत कम करने के मौखिक आदेश दिए थे।
कर्मचारियों के चुनावों में लग जाने के कारण आबंटन पत्र जारी नहीं कर पाए। आवासों की लागत निर्धारित होने के बाद निर्धारित समय सीमा को आगे बढ़वाया जाएगा।
—ए.एन.पुरोहित, चीफ इंजीनियर, राजस्थान आवासन मंडल