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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में रिहायशी इलाकों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने ज्यादा मतदान किया है। राजनीतिक दल इन इलाकों में मतदाताओं का रूझान जानने की कोशिश कर रहे हैं। रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट में भाजपा के दिग्गज मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष योगेश तिवारी के बीच ही फैसला होना है। मतदान के 10 दिन बाद भी कोई यह बता पाने की स्थिति में नहीं है कि किसका पलड़ा भारी है। इस क्षेत्र में करीब 1.15 लाख लोगों ने वोट दिया है जो 62 फीसदी है।
भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के पास बूथवार वोटिंग का डिटेल्स तैयार हो चुका है। वे इस समय समीक्षा कर रहे हैं कि कहां पार्टी को नफा है और कहां नुकसान। टिकरापारा के 23 बूथों में सर्वाधिक 13 हजार और अमीनपारा के 21 बूथों में 12 हजार वोट पड़े हैं। चंगोराभाठा में 8 हजार, लालपुर में 7 हजार और भाठागांव और मठपुरैना में करीब 9 हजार लोगों ने वोट डाले हैं। पुरानीबस्ती और लाखेनगर क्षेत्र में 7 हजार वोट डले हैं। वहीं वीआईपी क्षेत्र सिविल लाइन के 50 फीसदी लोगों ने भी वोट नहीं डाले हैं।
मुस्लिम मोहल्लों में कम वोटिंग
रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 10 ऐसे मोहल्ले हैं जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। इनमें बैजनाथपारा, छोटापारा, बैरनबाजार, नेहरुनगर, विद्यानगर, अमीनपारा, संतोषीनगर, संजयनगर व टिकरापारा शामिल हैं। टिकरापारा व संजयनगर को छोड़कर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में वोटिंग 50 फीसदी के आसपास ही रही है। भाजपा को लिए यह खबर कुछ राहत दे रही है तो कांग्रेस के लिए चिंता का विषय है।
भाजपा की उम्मीदें
भाजपा को कुछ मोहल्ले से अच्छी बढ़त की उम्मीद है। इनमें टिकरापारा, पुरानीबस्ती, लाखेनगर, चंगोराभाठा, मठपुरैना, भाठागांव, बूढ़ापारा, कटोरातालाब, गोलबाजार, सिविल लाइन, तेलीबांधा, ठाकुर प्यारेलाल वार्ड शामिल है।
कांग्रेस को भरोसा
कांग्रेस को ब्राम्हणपारा, बैजनाथपारा, सदरबाजार, नयापारा, छोटापारा, बैरनबाजार, संतोषीनगर, नेहरूनगर, संजयनगर, अमीनपारा, सुंदरनगर और लालपुर से निर्णायक बढ़त मिलने का भरोसा है।
पार्षदों से नुकसान
राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही समीक्षा में यह बात प्रमुखता से सामने आई है उन्हें पार्षदों के खिलाफ नाराजगी का नुकसान भी उठाना पड़ा है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दलों के पार्षदों के क्षेत्र में यही स्थिति देखी गई है।
बस्तियों का रोल अहम
इस विधानसभा क्षेत्र में करीब डेढ़ दर्जन झुग्गी बस्तियां हैं। यहां के वोटरों ने जमकर वोट भी डाले हैं। माना जा रहा है कि झुग्गी वासियों का फैसला अहम होगा। झुग्गी बस्तियों में वोटरों की संख्या 25 हजार से अधिक है जिनमें से करीब 65 फीसदी लोगों ने वोट दिया है। मतगणना को अभी भी हफ्ता बाकी है। 8 दिसंबर को दोपहर तक वोटरों का फैसला सामने आ जाएगा।
निर्दलियों पर निगाहें
दक्षिण में कुल 22 प्रत्याशी मैदान में थे। डेढ़ दर्जन निर्दलीय प्रत्याशियों पर निगाहें लगी हैं। बसपा व समाजवादी पार्टी ने यहां काफी मेहनत की है। इसके अलावा सात मुस्लिम प्रत्याशियों ने भी कांग्रेस को बेचैन किया।