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अंधेरे में डूबे रहे 250 गांव

बीजापुर. नक्सलियों ने पीजीए सप्ताह के पहले ही दिन बीजापुर जिले में बिजली सप्लाई ठप करने की कोशिश की। रविवार को शाम 6.30 बजे भैरमगढ़ इलाके में बोंगला गांव के पास पहले उन्होंने 033 केवी लाइन के खंभों के नीचे आग लगाई और उसके बाद पेड़ काटकर चालू लाइन पर गिरा दिया। बीजापुर, भोपालपटनम, उसूर सहित आसपास के 250 से ज्यादा गांवों में 23 घंटे बिजली सप्लाई ठप रही। बिजली कर्मचारियों ने सोमवार शाम 5 बजे सप्लाई बहाल की।

रविवार शाम अचानक पूरे इलाके में बिजली गुल होने से आशंका थी कि इसके पीछे कहीं नक्सलियों का हाथ न हो। दिन ढलने के बाद नक्सली इलाके में जोखिम को देखते हुए रविवार को सुधार का काम नहीं हो पाया। सोमवार सुबह बीजापुर, भैरमगढ़ और दंतेवाड़ा से बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का दस्ता फाल्ट सुधारने रवाना किया गया।

जूनियर इंजीनियर पीएल सिंह ने बताया कि नक्सलियों ने बिजली के खंभे के नीचे आग लगाकर उसे गिराने की कोशिश की थी। वह टेढ़ा नहीं हुआ तो उन्होंने लाइन के पास का पेड़ काटकर गिरा दिया। संयोग से इससे बिजली खंभे को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। जब तक बिजली नहीं आई, पूरे इलाके के लोगों की जान सांसत में रही। लोग कुछ महीनों पहले हुए ब्लैक आउट के अनुभव के आधार पर मिट्टी तेल और बाकी सामान के इंतजाम में लग गए थे।

दो घंटे मार्ग रहा अवरुद्ध
पीएलजीए सप्ताह मना रहे माओवादियों ने पहले ही दिन रविवार रात भैरमगढ़ और माटवाड़ा के बीच पेड़ काटकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया। समझा जा रहा है कि माटवाड़ा के नजदीक रास्ता जाम कर नक्सलियों ने बिजली सप्लाई ठीक करने जा रही टीम को डराने की कोशिश की थी। भोपालपटनम से 6 किलोमीटर पहले रुद्रारम के समीप बोल्डर और बिजली पोल रास्ते पर रखकर मार्ग दो घंटे अवरुद्ध रखा गया। खबर मिलने पर सुबह चेरपल्ली पोस्ट और भोपालपटनम से जवानों की एक टुकड़ी रवाना की गई, जिसने रास्ता क्लीयर किया। दोनों मार्गो पर आवागमन बहाल हो सका।





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