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Chhattisgarh
Raipur Raipur भानुप्रतापपुर. शराब पीकर बेसुध हो गए स्थानीय जनपद प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के दो बच्चों अनिल यादव (12) और पिंटू ध्रुव (13) को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। अनिल की हालत चिंताजनक है। बच्चों का कहना है कि वे स्कूल के पास स्थित शराब दुकान से शराब की बोतल खरीद कर लाए थे।
स्कूल स्टाफ ने बताया कि अनिल और पिंटू ने बाकी बच्चों के साथ दोपहर को मध्यान्ह भोजन लिया था। उसके बात स्कूल में रिसेस हो गई। पिंटू तथा अनिल अपने दो अन्य साथियों चेतन और सोमू के साथ स्कूल से बाहर चले गए। स्कूल लौटे अनिल ने दोपहर 3 बजे जब कक्षा में उल्टियां करना शुरू कर दिया, तो हंगामा मच गया। कुछ देर बाद ही वह बेसुध होकर गिर गया। दोनों को स्कूल स्टाफ ने अस्पताल में भर्ती कराया। इसी बीच उनके साथ शराब पीने वाले बाकी दोनों बच्चे चेतन और सोमू वहां से भाग गए। पिंटू ने अस्पताल में बताया कि उसने साथियों के साथ शराब की तीन बोतलें खरीदी थीं। शराब लेकर चारों बच्चे शहर के बाहरी हिस्से संबलपुर की तरफ चले गए। वहां छिपकर उन्होंने शराब पी और स्कूल आ गए। पिंटू ने बताया कि पहले भी कई बार वे शराब पी चुके थे।
खुलासे से हड़बड़ाए शिक्षकों ने जब पूछताछ शुरू की तो पता चला कि ये चारों बच्चे चिपकाने के काम आने वाले रसायन बोन फिक्स को सूंघने का नशा भी करते थे। स्कूल के कुछ बच्चे 10 मिनट के अंदर ही स्कूल परिसर से शराब की खाली बोतलें, बोनफिक्स की ट्यूब लेकर पहुंच गए।
करीब महीने भर पहले शिक्षकों ने इन चारों को बोन फिक्स सूंघते पकड़ लिया था। कागज को चिपकाने में इस्तेमाल होने वाली बोन फिक्स की गंध तीव्र होती है। इसे सूंघने से हल्का नशा सा महसूस होता है। भानुप्रतापपुर अस्पताल में बच्चों को इलाज करने वाले डॉ. कपिल ने बताया कि इसमें अनिल की हालत गंभीर है।
उसे सोमवार रात 11 बजे तक आब्जर्वेशन में रखा गया। शराब का नशा उतरने के बाद पिंटू की हालत सुधर गई है। उड़ीसा का रहने वाला पिंटू पिता की मौत के बाद पिछले दो सालों से यहां अपने मौसा चमरूराम ध्रुव के पास रह रहा है। चमरू ने बताया कि पिंटू के शराब पीने की लत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी। बोनफिक्स का नशा करने की सूचना शिक्षकों ने उसे जरूर दी थी।