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अजमेर. पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम अगले वर्ष मुस्लिम समुदाय दो बार मनाएगा। इसके साथ ही सन 2010 में मोहर्रम नहीं आएगा। ऐसा संयोग लगभग 25 साल बाद बना है।
राज्य के वित्त विभाग के निदेशक अरुण गुप्ता की ओर से संभागीय आयुक्त समेत विभिन्न अफसरों को अवकाश संबंधी जानकारी का परिपत्र भेजा है। इसमें उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अधीन राज्यपाल द्वारा राजस्थान में वर्ष 09 के सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा की गई है। इसमें साल में मोहर्रम की दो छुट्टियों सहित कुल 18 अवकाश रहेंगे।
अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि 8 जनवरी, गुरुवार और 28 दिसंबर सोमवार को मोहर्रम मनाया जाएगा। गणतंत्र दिवस सोमवार को आएगा और पहली अप्रैल को वार्षिक बैंक खाता बंदी रहेगी। इस अधिसूचना में ही अलग से उल्लेख किया गया है कि 2010 में मोहर्रम का अवकाश नहीं रहेगा। इस संबंध में मदरसा मोईनिया उस्मानिया के सदर मुदर्रिस मुफ्ती बशीरुल कादरी के मुताबिक हिजरी संवत और ईस्वी संवत में हर साल 13-15 दिन का अंतर रहता है। हिजरी संवत की तिथियों का निर्धारण चंद्र कलाओं के अनुसार होता है।
25 साल पहले भी दो बार मनाया
इस हिसाब से लगभग 25 साल पूर्व भी मोहर्रम एक साल में दो बार मनाया गया। ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा भी एक साल में दो बार मनाए गए हैं। कादरी के मुताबिक एक साल में दो बार किसी पर्व के आने से किसी व्यक्ति, समाज या देश को किसी प्रकार की हानि नहीं होती।