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नई दिल्ली. पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार न करते हुए भारत ने मंगलवार को अपना रुख कड़ा करते हुए कहा कि उसे सीमा पार से आए आतंकियों के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मेरा कहना यह है कि प्रत्येक संप्रभु राष्ट्र को अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने और तब उचित कार्रवाई करने का अधिकार है जब उसे ऐसा करना जरूरी लगे।’
एनडीटीवी को मंगलवार को दिए इंटरव्यू में पाक के आतंकी शिविरों पर सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज करने से इनकार करते हुए मुखर्जी ने कहा, ‘ जब यह कार्रवाई होगी, आपको पता चल जाएगा। कोई भी इसे प्रचारित-प्रसारित नहीं करता। मैं सैन्य विकल्प पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूं।’
विदेशमंत्री की यह टिप्पणी तब आई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस की भारत यात्रा में कुछ ही घंटे रह गए हैं। इसके पहले दिन में उन्होंने कहा था, ‘सैन्य कार्रवाई की बात कोई नहीं कर रहा है।’
मुखर्जी से निर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के इस सुझाव पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी कि भारत को किसी भी संप्रभु राष्ट्र की तरह आतंकियों का पीछा कर मारने और खुद की रक्षा करने का अधिकार है।
इंडो-अरब फोरम के उद्घाटन अवसर पर मुखर्जी ने मंगलवार को कहा, ‘ भारत ने अपने डिमार्शे (विरोध पत्र) में पाकिस्तान से वहां बसे 20 भगोड़े आतंकी सौंपने को कहा है। देखते हैं कि वह सौंपता है या नहीं। सोमवार को पाकिस्तानी उच्चयोग शाहिद मलिक को विदेश मंत्रालय में बुलाकर डिमार्शे सौंपा गया था। आतंकियों की सूची में लश्कर-ए-तैयबा का सरगना हाफीज मोहम्मद, जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर और माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के नाम भी है।