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भोपाल. कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों को समय पर वरिष्ठ वेतनमान दिलवाने में लापरवाही करने वाले प्राचार्यों की अब खैर नहीं है। ऐसे प्राचार्यों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की सजा मिल सकती है। उच्च शिक्षा विभाग ने लापरवाह प्राचार्यो के प्रति सख्त रवैया अपना लिया है। विभाग ने पांच दिसंबर तक सभी को अंतिम रूप से जानकारी भेजने को कहा है।
उच्च शिक्षा विभाग ने अक्टूबर माह में सभी कॉलेजों से ऐसे सहायक प्राध्यापकों की जानकारी मांगी थी, जिन्हें वरिष्ठ वेतनमान दिया जाना है, लेकिन अभी तक विभाग में कुछ कॉलेजों से ही जानकारी भेजी गई है। इस समय तक ऐसे 750 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। अनुमान के मुताबिक अभी करीब 700 सहायक प्राध्यापकों के आवेदन और प्राप्त होने हैं। विभाग ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है। सभी प्राचार्यों को ताकीद किया गया है कि पांच दिसंबर तक जानकारी न भेजने वाले प्राचार्यों के खिलाफ पहले कार्रवाई की जाएगी, इसके बाद उक्त कॉलेज के सहायक प्राध्यापकों को वेतनमान दिया जाएगा।
आवेदन ही नहीं कर पाए
विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार कई कॉलेजों में प्राचार्यों ने सहायक प्राध्यापकों को इस बात की सूचना तक नहीं दी है, जिससे वे आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे हालातों को नियंत्रित करने और प्राचार्यों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने रास्ता निकाल लिया है। इसके लिए मंगलवार को जारी किए गए पांच दिसंबर तक जानकारी भेजने के इस चेतावनी भरे पत्र पर सभी सहायक प्राध्यापकों के हस्ताक्षर कराने को कहा गया है। इस पत्र पर सभी के हस्ताक्षर करवा कर आठ दिसंबर तक संचालनालय में भिजवाने को कहा गया है। उच्च शिक्षा आयुक्त का मानना है कि इस प्रक्रिया से सभी सहायक प्राध्यापकों को सूचना मिलना सुनिश्चित होगा, फिर प्राचार्य इसमें मनमानी नहीं कर सकेंगे।