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इंदौर. क्रिसमस भले ही अभी दूर हो लेकिन इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। चर्चो में साफ-सफाई के साथ रंग-रोगन शुरू हो गया है। घरों में भी इसी तरह का नजारा है। रेड चर्च, व्हाइट चर्च सहित शहर के अन्य चर्च में भी क्रिसमस का उत्साह झलकने लगा है। चर्च में विद्युत सज्जा के साथ ही गोशाला का निर्माण भी किया जाएगा।
151 साल पुराना है व्हाइट चर्च
व्हाइट चर्च की स्थापना करीब 151 साल पहले की गई थी। चर्च के प्रेसबिटर इंचार्ज रेव्ह जोशुआ ने बताया चर्च में रंग-रोगन के साथ ही बाहर और अंदर आकर्षक विद्युत सज्जा की जाएगी। 14 दिसंबर को सुबह 8.30 बजे क्रिसमस ड्रामा होगा जिसमें बच्चे भाग लेंगे और नाट्य प्रस्तुति देंगे। 21 और 25 दिसंबर को सुबह 8.30 बजे चर्च में युवाओं और महिलाओं द्वारा आराधना की जाएगी। साथ ही प्रभु भोज भी होगा। 28 दिसंबर को सुबह 8.30 बजे ईसाई समाज के वरिष्ठजनों द्वारा प्रभु यीशु की आराधना की जाएगी जिसे गोल्डन संडे कहा जाता है।
केरोल गीत का गायन भी होगा
रेड चर्च कैथोलिक ईसाइयों का पुराना चर्च है। चर्च के पुरोहित फॉदर जॉली एवं सहायक पल्ली पुरोहित ने बताया क्रिसमस की तैयारियां शुरू हो गई हैं जो 24 दिसंबर तक चलेंगी। उन्होंने बताया 21 दिसंबर को विशेष रीति से आध्यात्मिक तैयारी करने के लिए विशेष आराधना और अन्य समारोह आयोजित किया जाएगा। 25 दिसंबर तक प्रार्थना, उपवास और मानवों के लिए सेवा के कार्य किए जाएंगे। 15 से 24 दिसंबर तक क्रिसमस के गीत (केरोल सीगिंग) हर ईसाई परिवार में गाया जाएगा। चर्च के आसपास सजावट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 24 दिसंबर की रात 11 बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे और देर रात को खुशियां मनेंगी। केक कटेगा और लोग एक-दूसरे को बधाई देंगे।
पदभार ग्रहण समारोह 7 को
रेड चर्च के पल्ली पुरोहित फॉदर जॉली ने बताया 7 दिसंबर को दोपहर 3 बजे इंदौर धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष चाको तोट्टा मारिकल (एस.वी.डी.) पदभार रेडचर्च में ग्रहण करेंगे।
बच्चों को परीक्षा खत्म होने का इंतजार
प्रभु यीशु का जन्म गोशाला में हुआ था इस लिए क्रिसमस पर गोशाला की झांकी का बड़ा महत्व होता है। शहर के कई स्कूलों में अभी परीक्षाएं चलने के कारण बच्चे पढ़ाई में व्यस्त हैं। क्रिसमस काल शुरू हुए अभी दो दिन हुए हैं। बच्चों को अपनी परीक्षाएं खत्म होने का इंतजार है।
उसके बाद ही घरों में बच्चों द्वारा क्रिसमस की विशेष तैयारियां की जाएंगी। साथ ही चर्च में विशेष विद्युत सज्जा की जाएगी। समाज के लोग भी साफ-सफाई, रंग-रोगन के साथ ही घरों में गोशाला और अन्य झांकियों का निर्माण करेंगे। वहीं कई कैथोलिक परिवारों द्वारा केरोल गीत का गायन भी किया जाएगा। इस गीत को समाज के दो से तीन परिवार ग्रुप बनाकर गाते हैं। आध्यात्मिक तैयारी के लिए मेल-मिलाप संस्कार का आयोजन भी किया जाएगा। क्रिसमस पर परिवार का हर सदस्य नये कपड़ों की खरीदारी भी जमकर कर रहा है। फादर मैथ्यू ने इस चर्च के बारे में बताते हुए कहा यह कैथोलिक चर्च 1974 में सेंट जोसफ द्वारा बनाया गया था। श्री जोसफ खुद पेशे से श्रमिक थे।