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जयपुर. राज्य विधानसभा की 145 सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर होगी। बाकी बची 55 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है। इनमें से कुछ सीटों पर बसपा, जनशक्ति पार्टी, इनेलो, जद (यू) और माकपा भी संघर्ष कर रही हैं। कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बागियों ने ही संघर्ष को काफी रोचक कर दिया है।
इस चुनाव में खास बात यह है कि प्रमुख दलों के महंगाई, आतंकवाद, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों के बावजूद जातिवाद और स्थानीयता का मुद्दा प्रभावी दिखाई दे रहा है। हालांकि भाजपा और कांग्रेस चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिलने और बागियों का कोई असर नहीं होने का दावा कर रहे हैं। इस बीच अन्य दल भी सरकार बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की बात कह रहे हैं।
ये बागी दे रहे हैं चुनौती
कांग्रेस : गुरदीप शाहपीनी- संगरिया, परसादी मीणा- लालसोट, द्वारका प्रसाद बैरवा- निवाई, दिग्विजयसिंह-देवली-उनियारा, दिलीप चौधरी- जैतारण, भीमराज भाटी-पाली, ललित भाटी- अजमेर द., डॉ. के.सी. चौधरी-ब्यावर, ब्रrादेव कुमावत-मसूदा, हरजीराम बुरडक- लाड़नू, गोवर्धन कल्ला- जैसलमेर, मणिशंकर व्यास- वल्लभनगर।
भाजपा : किरोड़ीलाल मीणा-टोडाभीम, सवाई माधोपुर, गोलमा देवी-महवा, कन्हैयालाल मीणा-बस्सी, दाताराम गुर्जर- खेतड़ी, गोविंदराम मेघवाल-नोखा, द्रोपदी मेघवाल- पीलीबंगा, विश्वजीत हरासर- बीकानेर पूर्व, किसनाराम नाई-डूंगरगढ़, रामनिवास सैनी-उदयपुरवाटी।
के.डी. बाबर-लक्ष्मणगढ़, श्रवणसिंह रावत-पुष्कर, शक्तिसिंह रावत-नसीराबाद, राकेश मेघवाल-परबतसर, शंभूसिंह खेतासर-ओसियां, रामचंद्र-कुशलगढ़, अजरुनलाल जीनगर-कपासन, कन्हैयालाल धाकड़, बद्रीप्रसाद गुरुजी- मांडलगढ़।