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Chhattisgarh
Raipur Raipur बीजापुर/बचेली/किरंदुल/कोंटा/सुकमा. इन पर्चो में गुरिल्ला युद्ध चलाने से लेकर आमजनता पर अत्याचार बंद करने संबंधी बातें लिखी गई हैं। ऐसे ही पोस्टर किरंदुल-बचेली मार्ग पर भी मिले। शहर के आसपास बिना खौफ ऐसी कार्रवाई करके लौट जाना और सुरक्षा को ठेंगा दिखाना लोगों को अचरल में डाल दिया है। बचेली के डामर प्लांट के पास के कर्मी रात भर दहशत में रहे क्योंकि इसी ठेकेदार के बड़ेगुडरा प्लांट को पिछले दिनों नक्सलियों ने बड़ा नुकसान पहुंचाया था।
बचेली के टीआई जोशी ने बताया कि आकाशनगर के सीआईएसएफ कैंप के पास भी नक्सली पर्चे मिले हैं। इसके बाद से इस इलाके में काम करने आने वाले मजदूरों सहित अन्य स्टाफ की भी गहन जांच-पड़ताल जारी है।
सड़क पर बाधा
अपने पूर्व घोषित सप्ताह के तहत नक्सलियों ने पहले दिन एनएच 16 भोपालपटनम मार्ग पर सिंगारबहार नाला के पास सड़क काटने की कोशिश की। इसके अलावा 100 मीटर तक कटे हुए पेड़ों का रोड़ा अटकाया। सुबह 9 बजे बंद हुआ मार्ग समाचार लिखे जाने तक खुल नहीं पाया था। मुख्य मार्ग पर लाल रंग के पेंट से अपने 9वें पीएलजीए मनाए जाने के बारे में लिखा गया था। घोषित बंद को देखते सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का वाहन ही रेंगते नजर आए। इसी तरह गंगालूर-आवापल्ली-बासागुड़ा मार्ग पर भी जगह-जगह दिवस मनाए जाने संबंधी बैनर लगे हुए थे। मंगलवार को यहां के बस स्टैंड से सुबह केवल दो यात्री बसें ही जगदलपुर रवाना हुईं।
इससे उल्टे जगदलपुर से बीजापुर, मद्देड़, भोपालपटनम, उसूर, आवापल्ली, इलमिड़ी, कुटरू, फरसेगढ़ मार्ग पर एक भी बस या टैक्सी दौड़ती नहीं दिखीं। दोपहर बाद इक्का-दुक्का यात्री बसें यहां पहुंची। गीदम से बीजापुर तक ही टैक्सियां चलीं। जिससे थोड़ी-बहुत राहत नजर आई। इलाके में फोन लाइन ठप होने से लोग एक-दूसरे का हाल-चाल भी नहीं जान सके। इधर कोंटा मार्ग पर बसें नहीं चलीं। सीमावर्ती आंध्रप्रदेश और उड़ीसा से भी इस मार्ग पर अंतर्राज्यीय बसें नहीं चलीं। सुकमा से कोंटा के बीच टैक्सियां जरूर चलीं। नकुलनार में नक्सलियों ने पीएलजीए सप्ताह को लेकर बैनर टांग दिया था।
आधे रास्ते से लौटीं बसें
सभी बस संचालकों ने बतौर एहतियात मंगलवार को अंदरूनी इलाकों में बसें न चलाने का निर्णय लिया। हालांकि अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि बुधवार को किस-किस रूट में बसें जाएंगी। सुबह नया बस स्टैंड से गाड़ियां तो छूटीं लेकिन आधे रास्ते से वापस लौट आई।
बीजापुर तक जाने वाली बसें गीदम में रोक दी गई। वहीं कोंटा मार्ग की ओर जाने वाली बसें सुकमा तक जाकर रुक गई। इधर नारायणपुर-अंतागढ़ मार्ग में भी बसों के पहिए थमे रहे। किरंदुल-बैलाडीला व अन्य मार्ग पर नक्सली दहशत का कोई असर नहीं है। इन स्थानों पर सभी गाड़ियां नियत समय से चल रही हैं। इधर रेलवे मुख्यालय ने आगामी 8 दिसंबर तक केके लाइन पर चलने वाली इकलौती पैसेंजर का संचालन विशाखापटनम से जगदलपुर के बीच करने का निर्णय लिया है। रात के वक्त मालगाड़ियां भी रोक दी जाएंगी।
दहशत से थमे पहिए
राजनांदगांव. पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के स्थापना दिवस का नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक असर दिखाई दिया। नक्सलियों द्वारा घोषित इस विशेष सप्ताह के पहले दिन मंगलवार को इन इलाकों में आवाजाही बंद रही। चौकी और मोहला के भीतरी क्षेत्रों में बसें नहीं चलीं। खेती-किसानी और व्यवसाय भी पूरी तरह ठप रहे। इससे पहले सोमवार को नक्सलियों ने अपने इरादों का अहसास करा दिया था।
औंधी से राजनांदगांव तक चलने वाली जागीरदार ट्रेवल्स की बस को औंधी-मानपुर के बीच रोककर नक्सलियों ने इसमें बैनर-पोस्टर चस्पा कर दिए। इसके बाद ड्राइवर व कंडक्टर को चेताया गया कि मंगलवार से बस न चलाएं और अपने मालिक तक भी उनका संदेश पहुंचा दें। वहीं मानपुर, मोहला और अंबागढ़ चौकी के कई अंदरूनी इलाकों में उत्तर गढ़चिरौली, गोंदिया डिवीजनल कमेटी की ओर से बैनर, पोस्टर लगाए गए हैं।
दूसरे दिन मंगलवार को नक्सलियों की अपील का असर पड़ा। चौकी संवाददाता के अनुसार वहां तक बसों का आना-जाना सामान्य रहा। मोहला तक बसें चलीं, लेकिन भीतरी इलाकों कोरचाटोला, रेंगाकठेरा, भोजटोला, मर्ाी, पाटन आदि में सवारी गाड़ियां नहीं गईं। इन इलाकों में व्यापार पूरी तरह ठप रहा। बंदूक के डर से ग्रामीणों ने भी खेती-किसानी के काम नहीं किए। बताया गया कि महाराष्ट्र सीमा से लगे गांवों में नक्सली अपील का जबरदस्त दबाव पड़ा है। इसकी वजह से पूरा इलाका सुनसान नजर आया।
मानपुर संवाददाता ने बताया कि मानपुर, औंधी, सीतागांव, कोहका, कंदाड़ी, र्भीटोला, खड़गांव और मोहला तक नक्सली अपील का खासा असर रहा। वहां बसों का आवागमन नहीं हुआ। भानुप्रतापपुर और दिल्ली से आने वाली बसें भी नहीं चलीं।
महाराष्ट्र से चलने वाली बसों के पहिए भी थमे रहे। बताया गया कि सोमवार को औंधी-मानपुर के बीच नक्सलियों की हरकतों से क्षेत्रवासी डरे हुए हैं। उसी दिन शाम से बंद का माहौल बन चुका था। मंगलवार को सरकारी दफ्तर और स्कूल खुले रहें, लेकिन आफिसों में लोगों की भीड़ नहीं दिखी।
एरिया कमांडर समेत दो गिरफ्तार
अंबिकापुर. बलरामपुर पुलिस ने मंगलवार को झारखंड सीमा के पास घेराबंदी कर दो नक्सलियों को धर दबोचा। इस दौरान एक नक्सली फरार हो गया। पकड़े गए दोनों नक्सली गढ़वा (झारखंड) के हैं। इनमें से एक एरिया क मांडर है। दोनों के पास से सेमी आटोमेटिक राइफल, रिवाल्वर, 145 कारतूस व नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। गिरफ्तार नक्सलियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को मिली हैं।
आज शाम आईजी मुकेश गुप्ता ने बताया कि एसपी बलरामपुर बद्रीनारायण मीणा को सूचना मिली कि स्टेट कमेटी भाकपा (माओवादी) के सदस्य वीरसाय, जोनल कमांडर विनय व एरिया क मेटी के सदस्य जगदीश के नेतृत्व में बड़ी संख्या में नक्सली झारखंड राज्य के गढ़िया ग्राम व छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला अंतर्गत ग्राम पिपराही के जंगलों में देखे गए हैं। जिस पर श्री मीणा के निर्देशन में एडिशनल एसपी डीआर आंचला के नेतृत्व में निरीक्षक अरविंद खलखो, एसआर खान सहित एसटीएफ व डीएफ का दल इसकी तस्दीक करने रवाना हुआ।
पुलिस बल दो पार्टियों में बंटकर जंगल में सर्चिग कर रहा था। इसी दौरान कन्हर नदी के किनारे गड़िया घाट के पास तीन-चार व्यक्ति पुलिस को देखकर जंगल में छुपने की कोशिश करने लगे। पुलिस घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने के लिए आगे बढ़ी तो उनमें एक नक्सली राइफल फेंककर जंगल में छिपते हुए फरार हो गया, जबकि दो को पुलिस ने धर दबोचा। पूछताछ में दोनों ने खुद को भाकपा (माओवादी) का सदस्य होना बताया। पकड़े गए नक्सलियों में अशोक घासी उर्फ अशोक नायक उर्फ कुलदीप पिता रामशत्रुघन (19) बरकौल, थाना भंडरिया जिला गढ़वा ने खुद को दस्ते का एरिया कमांडर होना बताया।
इसके पास से एक सेमी आटोमेटिक राइफल व 100 कारतूस जब्त किए गए। दूसरे नक्सली का नाम गौरी पनिका (25) परसवार थाना भंडरिया जिला गढ़वा है। उसके पास से रिवाल्वर व 45 कारतूस जब्त किए गए। हथियार छोड़कर फरार हुए नक्सली का नाम विजेंद्र यादव परसवार जिला गढ़वा है। उसके द्वारा फेंकी गई 315 बोर राइफल व विंडोरिया से 35 कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने पूछताछ में एरिया कमांडर अशोक ने छत्तीसगढ़ व झारखंड राज्य की कई वारदातों में शामिल होना कबूल किया। दोनों के खिलाफ पुलिस ने 25-27 आर्म्स एक्ट, 3-5 विस्फोटक अधिनियम व 8 (1) (2)-5 जनसुरक्षा अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।