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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर/बस्तर. बांग्लादेशी घुसपैठियों और आतंकवाद के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के आह्वान पर सोमवार को राज्य के बड़े हिस्से में अधिकांश स्कूल-कालेज नहीं खुले। बस्तर, सरगुजा और राजनांदगांव के अंदरूनी हिस्से में नक्सली सप्ताह के खौफ के कारण सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा और बाकी इलाकों में एबीवीपी की पहल पर पढ़ाई ठप रही।
परिषद ने आतंकी गतिविधियों पर रोकथाम के लिए बंगलादेशी घुसपैठियों के खिलाफ मोर्चा खोला है। उसने राज्य के सभी कालेजों को बंद रखने और स्कूलों में 10-12वीं की कक्षाएं बंद रखने का आव्हान किया था। हमारे विभिन्न केंद्रों से आई खबर के मुताबिक ज्यादातर इलाकों में कालेज बंद रहे। कई शासकीय, निजी स्कूलों में 10-12वीं की कक्षाएं नहीं लगीं।
राजधानी समेत, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, धमतरी आदि शहरों में आव्हान का असर नजर आया। आतंक के खिलाफ सभी ने एकजुटता दिखाई और स्कूल-कालेज बंद रख कर मुद्दे का समर्थन किया। रायपुर में कई ऐसे स्कूल भी थे, जहां 10-12वीं की कक्षाएं स्थगित रखने की बजाय पूरी पढ़ाई ठप रखी। बंद शांतिपूर्ण रहा। अभाविप के लोग सुबह बंद कराने निकले जरूर थे, लेकिन कालेज स्वस्फूर्त बंद रहे। कई निजी स्कूलों ने भी बंद का समर्थन किया।
बस्तर, सरगुजा और राजनांदगांव के नक्सल प्रभावित इलाकों में परिषद के आव्हान से ज्यादा नक्सली खौफ की वजह से बंद का असर नजर आया। बीजापुर, बचेली, किरंदुल, कोंटा और सुकमा के अंदरूनी इलाकों में यात्री बसें नहीं चलीं। राजनांदगांव और सरगुजा के अंदरूनी इलाकों में भी ऐसे ही हालात रहे। हमारे जगदलपुर कार्यालय के मुताबिक नक्सली सप्ताह का आज पहला दिन था। आज दंतेवाड़ा, बचेली मार्ग पर बड़ी मात्रा में नक्सली पर्चे मिलने से दहशत फैली रही।
पर्चे में गुरिल्ला युद्घ चलाने और आमजनता पर अत्याचार बंद करने का जिक्र है। ऐसे ही पर्चे और पोस्टर किरंदुल-बचेली मार्ग भी मिले। दहशत की वजह से ही गाड़ियां नहीं चलीं। बीजापुर, मद्देड़, भोपालपटनम, उसूर, आवापल्ली से लेकर फरसेगढ़ तक सन्नाटे का आलम रहा। राजनांदगांव इलाके के मोहला, मानपुर में नक्सली सप्ताह का खासा खौफ रहा। वहां गाड़ियां ही नहीं, दुकानें भी बंद रहीं। सरकारी निर्माण भी ठप रहे।