|
ब्यावर. विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों के मामले में कांग्रेस ने नगर परिषद सभापति पार्वती जाग्रत, सात पार्षदों व तीन पदाधिकारियों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इधर, सभापति ने दावा किया है कि उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. एससी जैन के अनुसार उक्त लोग कांग्रेस प्रत्याशी मूलसिंह रावत की बजाय बागी (निर्दलीय) डॉ. केसी चौधरी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। इन्हें कांग्रेस पर्यवेक्षक अशोक पंजाबी ने निष्कासित कर दिया है। इनमें पार्षद नवल किशोर चौहान, सुंदरलाल भाटी, मोहम्मद हारून छीपा, शोभा चौधरी, मंजू डोसी, निर्मला लहवासिया, मंजूलता सांखला सहित जिला सेवादल के मुख्य संगठक बालूराम सेन, ब्लॉक प्रवक्ता विजेन्द्र प्रजापति, पूर्व पार्षद उस्मान मिस्त्री शामिल हैं। सातों पार्षदों को पार्षद पद से हटाने की भी कार्यवाही की जा रही है।
चौरोटिया पर नहीं गिरी गाज
कांग्रेस के बागी डॉ. चौधरी (निर्दलीय) के पक्ष में उतरे पार्षदों को तो निकाल दिया गया लेकिन अजा प्रकोष्ठ के देहात जिलाध्यक्ष खेमचंद चौरोटिया अभी पद पर कायम हैं। खेमचंद पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
इस्तीफा पहले ही दे दिया था
टिकटों के गलत वितरण को लेकर प्रदेशाध्यक्ष को पहले ही इस्तीफा भेज दिया था। अब हटाने का कोई औचित्य है। वैसे भी मैं चेयरमैन के साथ डीसीसी सदस्य हूं। मुझे हटाना इनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
-पार्वती जाग्रत, सभापति, नगर परिषद