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नई दिल्ली. अमेरिका ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाते हुए उससे मुंबई हमले के दोषियों का पता लगाने में सहयोग का वादा अमल में लाने को कहा है। पाकिस्तान से कहा गया है कि वह हमले के सुरागों पर तत्काल व पूरी पारदर्र्शिता के साथ कार्रवाई करें।
भारत यात्रा पर आईं अमेरिकी विदेशमंत्री कोंडोलिजा राइस ने बुधवार को यहां कहा कि पाकिस्तान को सुरागों का पीछा करके हमले के स्रोत तक पहुंचना होगा। हालांकि उन्होंने इस सवाल पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भगोड़े आतंकियों को सौंपने की मांग पर पाकिस्तान को क्या करना चाहिए।
चिदंबरम से चर्चा : बाद में राइस ने गृहमंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात कर मुंबई हमले से उपजी स्थिति पर विचार-विमर्श किया। बीस मिनट की बैठक के बाद राइस ने बताया कि बातचीत जांच में अमेरिकी सहायता को लेकर हुई।
पाकिस्तान को संदेश : गुरुवार को पाकिस्तान जाने वाली राइस ने कहा कि पाकिस्तान को संदेश दे दिया गया है कि उसे पूरे संकल्प और तात्कालिकता के साथ काम करना होगा और यही संदेश फिर दिया जाएगा। पाकिस्तान को आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से उन्हें यह बताना होगा कि वे भारत व पाकिस्तान दोनों के शत्रु हैं।
दीर्घ रणनीति पर जोर : राइस ने मुंबई हमले में अल कायदा के हाथ की संभावना से इनकार नहीं करते हुए कहा कि ऐसे हमले रोकने के लिए खासतौर पर खुफिया सूचना के आदान-प्रदान को लेकर भारत और अमेरिका को दीर्घावधि की रणनीति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि वल्र्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद अमेरिका ने पाया कि आतंकियों के आर्थिक स्रोत पर प्रहार करना सबसे जरूरी है।