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मुंबई. मुंबई में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख को भी आखिर जाना ही पड़ा। घटक दलों के दबाव में कांग्रेस ने विलासराव से इस्तीफा ले लिया गया। कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक गुरुवार को मुंबई जाएंगे और तभी नया नेता चुना जाएगा।
नए मुख्यमंत्री के लिए पीेएमओ में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान और केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे के नाम चर्चा में हैं। हमले के बाद अपनी कुर्सी खतरे में देख विलासराव दिल्ली में जबर्दस्त पैरवी कर रहे थे लेकिन उन्हें जीवनदान न मिल सका। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया है। सूत्र बताते हैं कि राजद, लोजपा और सपा जैसे सहयोगी दल हमले के बाद से ही देशमुख की छुट्टी करने के लिए दबाव बनाए हुए थे।
ये दल उत्तर भारतीयों के खिलाफ राज ठाकरे की मुहिम से निपटने में विलासराव सरकार की नाकामी को लेकर पहले से ही गुस्से से भरे हुए थे, मुंबई हमले ने उन्हें हिसाब चुकता करने का मौका दे दिया। उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री आर आर पाटील पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
रविवार को सर्व दलीय बैठक से ठीक पहले यूपीए के घटक दलों की बैठक में विलासराव और आर आर पाटील के इस्तीफे की मांग की गई थी। फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा के साथ विलासराव के ताज दौरे के सवाल पर रेलमंत्री लालू यादव ने पहले ही उनको हटाए जाने के संकेत दे दिए थे। रांची की एक रैली में लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान ने भी उन पर यह कहकर हमला किया था कि जो सरकार अपने लोगों की रक्षा नहीं कर सकती, उसे बने रहने का हक नहीं।।