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हमीरपुर. हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पहली से 12वीं कक्षा तक के निजी स्कूलों के शिक्षकों का न्यूनतम वेतन 3000, कुशल स्टाफ का 3390 रुपए निर्धारित किया है। जो स्कूल पालन नहीं करेंगे बोर्ड उन्हें संबद्धता प्रदान नहीं करेगा। इसकी पुष्टि बोर्ड अध्यक्ष चमनलाल गुप्ता ने की है।
दो हजार स्कूल संबद्ध :
प्रदेश में बोर्ड से संबद्ध दो हजार निजी स्कूल हैं और इनमें लगभग बीस हजार शिक्षक हैं। बोर्ड ने यह भी तय किया है कि 500 रुपए से ऊपर की अदायगी अब चेक से ही होगी। बोर्ड ने निजी स्कूल खोलने के लिए दूरी की शर्त को खत्म कर दिया है। पहले सरकारी स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में निजी स्कूल को मान्यता नहीं दी जाती थी।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने साफ किया है कि इस विषय में स्टाफ चाहे पुरुष हो या महिला, व्यस्क हो अव्यस्क, उसका न्यूनतम वेतन कम करने की कोई गुंजाइश नहीं होगी। जनजातीय क्षेत्रों में तय वेतनमान में 25 फीसदी का इजाफा न्यूनतम वेतन में जोड़ा जाएगा। नियुक्त शिक्षक का विवरण फोटो सहित, बिल्डिंग की रेंट डीड, बोर्ड में हर हाल में जमा करानी होगी। सुविधाओं के लिए शपथपत्र भी देना होगा।
निजी स्कूल संघ के जिला अध्यक्ष देवराज वर्मा का कहना है कि छोटे स्कूलों की समस्या ज्यादा है। अनुभव के आधार पर 10 फीसदी अंक निजी स्कूलों के शिक्षक को नहीं दिए जाते। वार्षिक परीक्षाओं में उनकी ड्यूटी भी नहीं लगाई जाती। स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक गतिविधियों का 3 फीसदी कोटा भी निजी विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा।
उन्होंने कहा कि स्थायी रिन्युअल के लिए 10 हजार रुपए फीस ज्यादा है। इस मुद्दे पर बोर्ड के चेयरमैन चमनलाल गुप्ता से सुंदरनगर में मुलाकात की गई है।
कितनी फीस
बोर्ड से स्थायी संबद्धता के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की फीस 10,000, एलीमेंटरी स्कूलों की 2000 रुपए है। एलीमेंटरी स्कूलों की सालाना रिन्युअल फीस 1000 और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की 1750 रुपए निर्धारित है।