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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. बठिंडा पुलिस के जांच अधिकारियों की टीम ने भारी सुरक्षा के बीच डेरा सच्च सौदा के मुखी गुरमीत राम रहीम सिंह से चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस के मुख्यालय में पौने पांच घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में डेरा मुखी से विवादास्पद पोशाक पहनने तथा सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने संबंधी दर्ज मामले के संबंध में सवाल किए।
इनके जवाब में डेरा मुखी ने कुछ तथ्यों को पेश कर खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए राजनीतिक से प्रेरित करार दिया। इस दौरान उनके बयानों को कलमबंद भी किया गया। डेरा मुखी से पूछताछ करने वाली टीम का नेतृत्व बठिंडा के एसपी (डी)अजय मलूचा व डीएसपी सुरिंदरपाल सिंह ने किया।
जबकि बठिंडा कोतवाली के एसएचओ ने सारा रिकॅार्ड पूछताछ के दौरान पेश किया। डेरा मुखी पूरे 12 बजे दोपहर को पुलिस मुख्यालय मे प्रवेश हुए और शाम 4 बज कर 45 मिन्ट तक पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। पूछताछ वाले कमरे के बाहर हरियाणा, चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों तैनात रहे है। जबकि डेरामुखी के साथ आए उनके नजदीकियों के साथ वाले कमरे में बिठाए रखा।
इस तरह हुए सवाल-जवाब
हालांकि सवाल-जवाब की पूरी प्रक्रिया गोपनीय रखी गई लेकिन सूत्रों का कहना हेै कि डेरा मुखी से पहले और मुख्य सवाल यानी विवादास्पद गुलाबी पोशाक पहनने के जवाब में डेरा मुखी ने पुराने महाराजों की पोशाकों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसा पहले होता रहा है और मैंने किसी की धार्मिक भावनाओ को ठेस नही पहुचाई और न ही मैंने किसी गुरुजी नकल की है। बठिंडा में सिख संगठनों के कार्यकर्ताओं व डेरा सच्च सौदे के समर्थकों के बीच हुए तनाव के सवाल किए गए।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान जाम-ए-इंसां के दौरान खींची उन तस्वीरों को दिखाकर सवाल पूछे गए। इनके जवाब में भी डेरामुखी ने तथ्य पेश करते हुए किसी भी भावनाओं को ठेस पहुंचाने से इन्कार किया। इसी तरह 20 जुलाई 2007 को बठिंडा कोतवाली थाने में डेरा मुखी खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति भी उन्हें पढ़कर सुनाई गई।
130 गाड़ियों के काफिले के साथ निजी सुरक्षा कर्मी
डेरा मुखी के साथ करीब 130 गाड़ियों का काफिला चला। जिसमें चार वाहन बुलेट प्रूफ थे। जबकि अन्य वाहनों में उनके साथ निजी सुरक्षा कर्मचारियों का बड़ा समूह था। पुलिस मुख्यालय में काले रंग के पांच छह वाहन थे जिन्हें देखकर मीडिया कर्मियों नही पता चल सका डेरा मुखी किस वाहन में बैठे हुए हंै। हालांकि मुख्यालय में चालीस वाहनों का काफिला खड़ा नजर आया और बाकी वाहन मुख्यालय के इर्द-गिर्द थे।
700 सुरक्षा कर्मचारी तैनात
मुख्यालय के इर्द-गिर्द पंजाब और चंडीगढ़ के करीब 700 कर्मचारियों को सुरक्षा जिम्मा सौंपा गया है। इनमें 70 के करीब पुलिस विभाग के गजटेड अफसर तैनात थे। जबकि से अधिक जिम्मेदार पंजाब पुलिस कर्मचारियों के पास थी।
बाबा जी पर आरोप बेबुनियाद—आदित्य इंसां
डेरा सच्च सौदा के प्रवक्ता आदित्य इंसां ने पुलिस मुख्यालय के बाहर बातचीत के दौरान कहा कि डेरा मुखी पर भी पोशाक पहनने व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने संबंधी लगे आरोप बेबुनियाद हैं। इस तरह की पोशाकें तो जहांगीर काल में भी पहनी जाती थी। बाबा जी सभी धर्मो का सम्मान करते है और अब तक किसी धर्म को ठेस पहुचाने वाली बात नहीं कही है।
उन्होंने कहा कुछ राजनीतिक नेता शोहरत पाने के लिए डेरा सच्च सौदा को बदनाम करने में लगे हैं, जो कि सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि डेरा मुखी तो आज भी हिंसा का हमेशा विरोध करते है। इसी लिए उन्होंने खुले तौर पर और मीडिया के माध्यम से माफी मांगी है। फिर भी कई राजनेता अपनी रोटियां सेकने के चक्कर में बे-वजह मामले को तूल दे रहे है।