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अमृतसर. बॉस, बॉस ही होता है चाहे वह पुरुष हो या फिर महिला। पहले पुरुषों की सोच होती थी कि महिलाएं सिर्फ घर ही संभाल सकती हैं, पर यह सोच अब बदल चुकी है। लोगों ने अब खुले दिल से महिला बॉस को स्वीकारना शुरू कर दिया है।
उनका मानना है कि महिलाएं अगर घर-परिवार चला सकती हैं तो आफिस क्यों नहीं। वुमन भास्कर ने इसी विषय पर उन लोगों से बात की जिनकी बॉस महिला हैं।
मैनेजमेंट स्किल आवश्यक
आपको सिर्फ काम से मतलब होना चाहिए अगर बॉस महिला भी हो तो क्या हर्ज है, बशर्ते, महिला बॉस के अंदर मैनेजमेंट स्किल हो। महिला बॉस को देखकर प्रेरणा मिलती है। -सुमित प्रभाकर, फाइनेंशियल मैनेजिंग कंसलटेंट
मोटीवेशन पॉवर जरूरी
महिला बॉस हो तो कोई बुराई नहीं है। महिला बॉस के साथ काम करना भी उतना ही आसान होता है, जितना कि पुरुष बॉस के साथ। बॉस में मोटीवेशनल पॉवर होनी चाहिए जिससे वह अपने सहयोगियों से अच्छा काम करवा सके।
-विनय कुमार, ब्रांच मैनेजर
समझदारी का लोहा
मेरे नजरिए से तो महिलाओं में किसी भी चीज को समझने की क्षमता पुरुषों से अधिक होती है। अगर महिला बॉस समझदार है तो पुरुष सहयोगियों को काम में कोई मुश्किल नहीं आती है। डिपेंड करता है कि आप और आपके बॉस के बीच में कितनी अडरस्टैंडिंग है।
-विनोद भाटिया, स्प्रिंग डेल स्कूल