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International International मास्को. रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव की वीरवार से शुरू हो रही तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पांच दिसंबर को परमाणु करार पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसमें कुडनकुलम के परमाणु ऊर्जा संयंत्र में चार अतिरिक्त रिएक्टर लगाने व अन्य संयंत्रों का विकास करने पर समझौता हो सकता है। रूस के परमाणु ऊर्जा सहयोग (रोसएटम) के एक प्रवक्ता के मुताबिक, दोनों देशों के बीच रूस द्वारा भारतीय परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में परमाणु ईधन की आपूर्ति करने पर भी समझौता हो सकता है।
रूस के परमाणु ऊर्जा उपकरण व सेवा निर्यात पर एकाधिकार रखने वाली कंपनी एटमोस्ट्राइएक्सपो तमिलनाडु के कुडनकुलम में 2002 से लाइट वाटर रिएक्टर वीवीईआर 1000 एमडब्ल्यूई का निर्माण कर रही है। यह निर्माण पूर्व सोवियत संघ और भारत के बीच 1988 में हुए एक समझौते के तहत किया जा रहा है।
इससे पहले पिछले माह रूसी प्रधानमंत्री ब्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिया था कि रूस भारत को रूसी उपकरण आयात करने का लिए ऋण मुहैया कराने का इच्छुक है।