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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सिख समुदाय से आह्वान किया है कि वह डेराप्रेमियों को मुंह न लगाएं। एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने बुधवार को चंडीगढ़ में कार्यकारिणी की बैठक के बाद यह आह्वान किया।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, अकाल तख्त के जत्थेदार इस संबंध में पहले ही हुक्मनामा जारी कर चुके हैं। हालांकि मक्कड़ ने यह भी कहा कि यदि डेरा सच्च सौदा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहिम को कोई बात करनी है तो वह अकाल तख्त पर पेश हों।
मक्कड़ ने सहजधारी सिखों द्वारा एसजीपीसी चुनाव में मतदान का हक देने संबंधी मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के तहत एसजीपीसी ने सहजधारी सिख की परिभाष कमेटी के आम इजलास में तय कर ली थी। इस बारे में आठ दिसंबर को हाईकोर्ट में शपथ पत्र दिया जाएगा। मक्कड़ ने कहा, सहजधारी सिख वह हैं जो गैर सिख परिवार में पैदा हुए लेकिन जिनका कार्य विहार सिख परंपराओं के अनुसार है। दाढ़ी केश न रखने वाले सहजधारी नहीं बल्कि पतित हैं। सिख की परिभाष आज भी सिख मर्यादा के अनुसार है।
मक्कड़ ने कहा कि उन्हें याद नहीं आता कि एसजीपीसी चुनाव में कभी किसी सहजधारी सिख को वोट का अधिकार मिला हो। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट बगैर संशोधन उन्हें मंजूर नहीं है। एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि गुरुद्वारा कमेटी ने कभी भी हरियाणा के सिखों को नजरंदाज नहीं किया। कमेटी शाहबाद में मीरी पीरी मेडिकल कॉलेज शुरू कर रही है।