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मुंबई/गांधीनगर . मुंबई हमले के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी फिदायीन हमले के निशाने पर आ गए हैं। खुफिया एजेंसियों द्वारा पकड़े गए संदेशों से खुलासा हुआ है कि लश्कर-ए-तैयबा का फिदायीन दस्ता मोदी के काफिले पर विस्फोटकों से भरे वाहन से हमला कर सकता है।
एक खुफिया सूत्र ने बताया, ‘पकड़े गए संदेश से पता चलता है कि लश्कर गुजरात के पांच हजार लोगों की हत्या कर 2002 के दंगों में मारे गए करीब 1000 मुस्लिमों का बदला लेना चाहता है।’ महाराष्ट्र पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो लश्कर के गुर्गो का एक गुट गुजरात पहुंच गया है और मोदी के भीतरी घेरे में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है।
ताज व ओबरॉय होटलों पर हमले की खुफिया सूचना का पहला हिस्सा सही साबित होने के बाद मोदी की जेड श्रेणी की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। राज्य सरकार मोदी के घर व आफिस में सेवाएं दे रहे लोगों की गुपचुप जांच कर रही है ताकि भीतरी खतरे से बचा जा सके। गुजरात के गृह राज्यमंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी को उत्पन्न खतरे पर कोई ताजा सूचना उन्हें नहीं मिली है।
हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री की पर्याप्त सुरक्षा का दावा किया। राज्य के मुख्य सचिव डी राजगोपालन ने इस बाबत कुछ कहने से इनकार किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अहमदाबाद व राज्य में अन्य स्थानों पर कार्यक्रमों के लिए मोदी को द्विस्तरीय सुरक्षा मुहैया कराई गई है। गांधीनगर-अहमदाबाद रूट पर भी कुछ नाजुक स्थानों पर कमांडो तैनात किए गए हैं।