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भोपाल. तकनीकी संस्थानों को अब हर साल मान्यता लेने की लंबी प्रक्रिया से राहत मिल गई है। अब एक बार आवेदन करने पर दो साल के लिए मान्यता दी जाएगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने तकनीकी संस्थानों को मान्यता देने के नियमों में आंशिक बदलाव किया है। नई व्यवस्था अगले सत्र के लिए लागू कर दी गई है।
एआईसीटीई ने मान्यता की अवधि बढ़ा दी है। अब आवेदन करने के बाद उपलब्ध भूमि और बजट के आधार पर मिलने वाला अनुमति-पत्र (एलओआई) तीन साल के लिए वैध होगा और इसके बाद समय सीमा में कॉलेज तैयार कर लेने पर दो साल के लिए मान्यता दी जाएगी।
एआईसीटीई ने मान्यता जारी करने में लगने वाले समय को देखते हुए यह फैसला लिया है। दरअसल, तकनीकी संस्थानों के आवेदनों पर विचार करने और मापदंडों के अनुसार दस्तावेजों का परीक्षण व कॉलेज का निरीक्षण आदि प्रक्रिया में करीब छह महीने का समय लग जाता है। इसी वजह से अगले सत्र की मान्यता की प्रक्रिया शुरू करने में देरी हो जाती थी। इस व्यवस्था से कॉलेजों को अगली मान्यता के लिए आवेदन करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा।
इसके साथ ही परिषद ने एलओआई की वैधता एक साल बढ़ाकर कॉलेज संचालकों की हड़बड़ी दूर कर दी है। अभी तक एलओआई मिलने के बाद दो साल के भीतर पूरी बिल्डिंग तैयार करवाकर संसाधन भी पूरे उपलब्ध कराने की कवायदें की जाती थीं। अब एक कॉलेज को अंतिम और पूर्ण रूप से तैयार करने के लिए तीन साल का समय दिया जा रहा है। इस अवधि में कॉलेज भवन को मान्यता मापदंडों के अनुसार तैयार करना होगा।