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नई दिल्ली. मुंबई पर हुए आतंकी हमले से बीमा उद्योग को जहां करीब 500 करोड़ रुपए का झटका लग रहा है, वहीं आतंक बीमा कारोबार तेजी से बढ़ने की संभावना है। कंपनियां प्रीमियम में भी इजाफा कर सकती हैं। आतंक से जुड़े कई बीमा उत्पाद आने की संभावना है। भारत का बीमा उद्योग 2008-09 में 17 फीसदी तक बढ़ सकता है।
दावों के साथ बढ़ेगी धनराशि
भारतीय बीमा नियामक प्राधिकरण (इरडा) के अध्यक्ष जे हरिनारायण का कहना है कि अब जिस तेजी से कंपनियों के सामने दावों की संख्या बढ़ेगी, वैसे ही धनराशि भी बढ़ेगी। पिछले कई वर्षो में कंपनियों ने आतंक बीमा के पूल में करीब 750 करोड़ रुपए एकत्र किए हैं, लेकिन मुंबई में आतंकी हमले के बाद इसमें से बड़ी रकम निकल जाएगी।
बीमा में कई योजनाएं
फिक्की के सेमिनार में नारायण ने कहा कि बीमा उद्योग नई योजनाएं लेकर आएगा। इससे बीमा प्रीमियम में भी बदलाव आएगा। सरकारी कंपनी जीआईसी ने भरोसा दिलाया है कि हालिया दुर्घटना के सिलसिले में दावों की मांग निकलने से बीमा कंपनियों पर कोई खराब असर नहीं पड़ेगा। नारायण ने कहा कि बीमा नियामक इरडा ने हाल ही में 288 नए उत्पादों को मंजूरी दी है। इससे साधारण बीमा उद्योग में ज्यादा लचीलापन आएगा। जनवरी तक डाटा वेयरहाउस भी लाने की योजना है।
क्या कहा इरडा ने
>> मुंबई पर आतंकी हमले से जहां कंपनियों के सामने दावों की संख्या बढ़ जाएगी, वहीं बीमा उद्योग की प्रगति भी तेज होगी।
>> कंपनियां आतंकी हमलों के बारे में नई बीमा योजनाएं लेकर आएंगी, वहीं प्रीमियम की दरों में भी इजाफा कर सकती हैं।
बीमा उद्योग की तरक्की
>> भारत में 21 जीवन बीमा और 20 साधारण बीमा कंपनियां हैं।
>> जीवन बीमा कंपनियों का कारोबार 2007-08 में 930 अरब डॉलर बढ़ा था। वहीं साधारण बीमा कंपनियों का कारोबार 14 फीसदी बढ़ा था।
>> सरकार ने हाल ही में बीमा उद्योग में विदेशी निवेश की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है। इस सरकार के कार्यकाल में ये सुधार मुश्किल लग रहे हैं।