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बीते 24 वर्ष, नाराजगी आज भी

भोपाल.gas गैस कांड की 24वीं बरसी के उपलक्ष्य में गैस पीड़ित संगठनों द्वारा बुधवार को जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। कहीं गैस त्रासदी में दिवंगत लोगों की स्मृति में सर्वधर्म सभा आयोजित की गई तो कहीं श्रद्धांजलि रैली निकाली। इसके अलावा यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन अध्यक्ष वारेन एंडरसन का पुतला भी जलाया गया।

इंसाफ के लिए संघर्ष की शपथ
गैस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा ने तीन दिसंबर को काला दिवस के रूप में मनाया। मोर्चा द्वारा दोपहर 12 बजे लिली टाकीज के सामने स्थित नीलम पार्क से श्रद्धांजलि रैली निकाली गई। रैली छावनी बाजार, घोड़ा नक्कास, बस स्टैंड व छोला मार्ग से होती हुई यूनियन कार्बाइड पहुंची। यहां रैली एक सभा में परिवर्तित हो गई। उसके बाद फैक्टरी के मुख्य द्वार के पास वारेन एंडरसन का पुतला दहन किया गया। रैली का नेतृत्व मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव ने किया।

पोस्टर प्रदर्शनी से जागरूकता
संभावना ट्रस्ट द्वारा यूनियन कार्बाइड के समक्ष पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का अवलोकन साउथ अफ्रीका से आए 20 सदस्यीय दल द्वारा किया गया।

बच्चों के लिए जनजागृति कार्यक्रम
आपदा प्रबंध संस्थान द्वारा एसओएस बालग्राम के बच्चों के लिए संस्थान के हॉस्टल सभागार में जनजागृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बालग्राम के करीब 50 बच्चों ने भाग लिया।

नि:शुल्क इलाज की मांग
मप्र कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता त्रिलोक दीपानी ने कहा है कि जब यूनियन कार्बाइड में सन् १९८४ में गैस रिसाव हुआ था, तब भोपाल के साथ-साथ बैरागढ़ क्षेत्र भी इससे प्रभावित हुआ था। यूनियन कार्बाइड कारखाने से महज तीन किमी दूर बैरागढ़ की वायु, जल व वनस्पति भी गैस से प्रभावित हुई थी। श्री दीपानी का कहना है कि उसके बाद भी न तो बैरागढ़ को गैस पीड़ित घोषित किया गया और न ही मुआवजा दिया गया है। इस संबंध में श्री दीपानी ने एक पत्र की प्रतियां केंद्रीय रसायन मंत्री रामविलास पासवान, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य कल्याण विभाग एवं गैस त्रासदी व पुनर्वास विभाग को भेजी है।

भेल में शोक सभा
गैस त्रासदी की 24वीं वर्षगांठ पर बुधवार को राजधानी के अन्य क्षेत्रों की तरह भेल में भी गैस कांड के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। भेल कारखाने में संरक्षा एवं पर्यावरण विभाग द्वारा विभिन्न ब्लॉकों में शोक सभा आयोजित की गई। कार्यपालक निदेशक आरके सिंह, महाप्रबंधक जीडी वर्मा व महाप्रबंधक एमके शाक्या सहित सुपरवाइजर व कर्मचारियों ने मौन रहकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि और सभा
भाजपा ने दी श्रद्धांजलि: गैस कांड की 24वीं बरसी पर भाजपा कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्रसिंह तोमर, संगठन मंत्री माखन सिंह, विजेंद्रसिंह सिसौदिया सहित अन्य भाजपा नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

भाजपा असंगठित कामगार प्रकोष्ठ: सुबह 11 बजे यूनियन कार्बाइड के सामने गैस कांड में दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद आयोजित सभा को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल रांजी, पार्षद सुषमा साहू ने संबोधित किया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी: सुबह 11 बजे इतवारा स्थित पानी की टंकी के पास वारेन एंडरसन का पुतला दहन किया गया।

मप्र ईसाई महासंघ: शाम छह बजे माता मंदिर स्थित प्रोटेस्टेंट चर्च में दीप प्रज्ज्वलित कर गैस त्रासदी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।

जहरीली गैस कांड संघर्ष मोर्चा: दोपहर 12.30 बजे सेंटर प्वाइंट टीटी नगर थाने के सामने गैस कांड एवं मुंबई में हुए आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई।

बैरागढ़ गैस पीड़ित संघर्ष मोर्चा: त्रासदी में मृत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सर्वधर्म सभा: गैस त्रासदी में दिवंगत हुए व्यक्तियों की स्मृति में सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस डीएम धर्माधिकारी थे। सभा में दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई।

भेल कारखाना: गैस त्रासदी की 24वीं वर्षगांठ पर बुधवार को राजधानी के अन्य क्षेत्रों की तरह भेल में भी गैस कांड के मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई।

भेल कारखाने में संरक्षा एवं पर्यावरण विभाग द्वारा विभिन्न ब्लॉकों में शोक सभा आयोजित की गई।

बेखबर थे कई गैस पीड़ित बस्तियों के लोग
गैस त्रासदी की 24वीं बरसी पर जयप्रकाश नगर समेत कई गैस पीड़ित बस्तियों में सब कुछ सामान्य ही दिखा। यूनियन कार्बाइड के सामने एक-दो संगठनों ने पहुंच कर प्रदर्शन जरूर किए, किंतु इन प्रदर्शनों में इन बस्तियों के लोग बहुत कम संख्या में शामिल होते दिखे। यह सब देख कर खुद गैस पीड़ितों के लिए काम कर रहे संगठनों के लोग हैरान थे। ये वही बस्तियां हैं, जिनमें गैस त्रासदी की रात मौत ने सैकड़ों लोगों को लील लिया था। इस हादसे से उबरने में यहां के लोगों को काफी वक्त लगा।

समय के साथ लगता है, अब उस काली रात के भयावह मंजर को यहां के लोग भुला देना चाहते हैं। उनकी न तो अब वारेन एंडरसन के पुतले जलाने में बहुत अधिक रुचि है और न ही सभाओं में शामिल होने की। बुधवार को हादसे की बरसी पर यूका के सामने स्थित जयप्रकाश नगर जैसी गैस पीड़ित बस्ती में पहले जैसे नजारे नहीं दिखे। संगठनों ने भी अब अपने प्रदर्शन स्थल यूका की बजाए लिली चौराहा, अल्पना तिराहा और अन्य स्थानों को बना लिया है। कई संगठनों के नेता इस स्थिति के पीछे कारण यह बताते हैं कि गैस पीड़ितों की न्यायालयीन लड़ाई इतनी लंबी खिंच गई है कि पीड़ित अब इस लड़ाई से थक कर घर बैठ गए हैं।





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