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नई दिल्ली. रक्षामंत्री एके एंटोनी ने सेना को आतंकी हवाई हमलों के खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने खुफिया सूचनाओं के आधार पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करने और इन सूचनाओं को कार्रवाई लायक बनाने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया है।
उनका स्पष्ट संकेत खुफिया एजेंसियों व सेना के विभिन्न अंगों की ओर था। उन्होंने संभावित हवाई हमले से निपटने की तैयारियों का विशेष रूप से जायजा लिया। एंटोनी ने बुधवार को समीक्षा बैठक की।
इसमें चीफ आफ स्टाफ कमेटी के प्रमुख एडमिरल सुरीश मेहता, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल फली होमी मेजर और थलसेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर व रक्षा सचिव विजय सिंह भी मौजूद थे। यह बैठक मुंबई के आतंकी हमले के बाद देश की सुरक्षा की स्थिति और भविष्य में इस तरह के खतरों से निपटने के लिए सेना की तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुलाई गई थी।
बैठक में तटीय सुरक्षा और इसके लिए जरूरी उपकरणों की खरीद की स्थिति पर भी चर्चा हुई। इन उपकरणों में राडारों और इंटरसेप्टर नाव शामिल हैं। एंटोनी ने भविष्य में देश की हवाई सीमाओं से संभावित किसी आतंकी हमले के खतरे और इससे निपटने की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पाकिस्तान के साथ सटी नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा की स्थिति के जायजे के बाद सीमापार से घुसपैठ रोकने के लिए कड़े उपाय किए जाने पर खास जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि पाक अधिकृत कश्मीर में बड़ी संख्या में आतंकी प्रशिक्षण शिविर अब भी मौजूद हैं, जिनसे प्रशिक्षण लेने के बाद आतंकी भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की फिराक में निरंतर रहते हैं।