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मुंबई. मालेगांव विस्फोट में इस्तेमाल किए गए बम इस मामले में गिरफ्तार सुधाकर चतुर्वेदी के घर पर बनाए थे, एक अन्य आरोपी राकेश धावड़े ने लोगों को हथियार चलाने और विस्फोटक बनाने की ट्रेनिंग दी थी। यह दावा मुंबई एटीएस ने बुधवार को मकोका कोर्ट में किया।
एटीएस ने 11 में से चार आरोपियों को अपनी हिरासत में मांगा लेकिन कोर्ट ने केवल दो लोगों ले. कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित तथा धावड़े को 6 दिसंबर तक के लिए एटीएस की हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
एटीएस ने जिन अन्य आरोपियों को अपनी हिरासत के लिए मांगा था, वे हैं अभिनव भारत का सदस्य अजय राहिरकर और चतुर्वेदी। एटीएस की दलील थी, दयानंद पांडेय के लैपटॉप से मिले ऑडियो, वीडियो रिकॉर्डिग से पता चलता है कि धावड़े ने पुरोहित के कहने पर हथियार खरीदे थे। एटीएस के वकील ने बताया कि चतुर्वेदी के घर से रुई के फोहे मिले थे जिनकी जांच से आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का पता चला।
साध्वी 16 तक
मकोका कोर्ट ने मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, राहिरकर व चतुर्वेदी को 16 दिसंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एटीएस की ओर से विशेष वकील रोहिणी सालियान ने कहा कि वांिछत आरोपी रामजी कलसांगरा 9 और 10 अगस्त को पुरोहित के पुणो स्थित घर गया था।
वकील की दलील
पुरोहित के वकील श्रीकांत शिवड़े ने पुलिस हिरासत में भेजे जाने का यह कहकर विरोध किया कि पुरोहित को सेना ने सूत्र के रूप में नासिक के देवलाली कैंप में नियुक्त किया था। उसने कहा कि एटीएस को सेना की दक्षिणी कमान से जाकर मिलना चाहिए तब उसे पता चलेगा कि वह सिमी और आईएसआई के बारे में खुफिया रिपोर्ट तैयार कर रहा था। राहिरकर के वकील विजय तालपुले ने कोर्ट को बताया कि राहिरकर एक पंजीकृत संस्था अभिनव भारत का खजांची था, इस संस्था के खाते का ऑडिट होता है।