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जयपुर. विधानसभा चुनाव में प्रदेश के 12 दिग्गज नेता अपनी-अपनी सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष में फंस गए हैं। त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे अधिकांश नेताओं के सामने उन्हीं की पार्टी के बागी अथवा अधिकृत प्रत्याशियों ने ही परेशानी पैदा कर दी है।
कई दिग्गजों को भितरघात और कार्यकर्ताओं की नाराजगी का मुकाबला भी करना पड़ रहा है। जबकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत 16 दिग्गजों में सीधा मुकाबला है। गहलोत-वसुंधरा की जीत तो पक्की मानी जा रही है, लेकिन इनकी जीत के अंतर को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार रह चुके विश्वेन्द्रसिंह को उद्योग मंत्री दिगंबर सिंह ने चुनौती दे रखी है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सी.पी. जोशी का मुकाबला भाजपा के कल्याण सिंह से है। महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष ममता शर्मा को भाजपा के अशोक डोगरा टक्कर दे रहे हैं। पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम का मुकाबला भाजपा के कैलाश चौधरी से है। भाजपा सांसद श्रीचंद कृपलानी को कांग्रेस के सुरेंद्र जड़ावता ने चुनौती दे रखी है।
पूर्व सांसद उदयलाल आंजना, भाजपा सांसद किरण माहेश्वरी, सरकारी मुख्य सचेतक महावीर प्रसाद जैन, गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया पूर्व वित्त मंत्री प्रद्युम्नसिंह और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी.डी. कल्ला की भी अपने प्रतिद्वंद्वी से सीधी टक्कर है।