Breaking News 
bhaskar Web English


HomeVichaar Vichaar

पाकिस्तान सरकार के कूटनीतिक रवैये में बदलाव

मुंबई में हमले के बाद पैदा हुए तनाव ने पाकिस्तान सरकार को सरहदी इलाकों के इस्लामी आतंकवादियों के साथ शांति के प्रयास तेज करने पर मजबूर कर दिया है। अफगान सीमा से सटे कबाइली इलाकों में खासा प्रभाव रखने वाले आतंकवादियों ने पाक सरकार को आश्वस्त किया है कि उनके खिलाफ सेना की मुहिम बंद होने पर वह सीÊाफायर कर सकते हैं।

पाकिस्तानी सेना ने भी इस्लामी आतंकवादियों के प्रस्ताव को हाथोंहाथ लेकर कुख्यात आतंकवादी बैतुल्ला महसूद और मौलवी फजलुल्लाह को ‘राष्ट्रभक्त पाकिस्तानी’ घोषित कर दिया है। सेना इन्हें कई बार आतंकवादी करार दे चुकी है, लेकिन मुंबई पर हमले के कुछ घंटों बाद ही ये कुख्यात आतंकी राष्ट्रभक्त पाकिस्तानी बन गए हैं। इस संबंध में आईएसआई के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि बैतुल्ला महसूद और मौलवी फजलुल्लाह के साथ हमारा कोई विवाद न होकर थोड़ी-बहुत मत-भिन्नता है, जिसे बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है।

नेशनल असेंबली में कबाइली इलाकों के 12 सदस्यों का नेतृत्व करने वाले मुनीर ओरकजाई का कहना है कि सरकार की नीति में अचानक आए बदलाव से उम्मीद की एक किरण जागी है। कबाइली इलाकों में शांति होने पर वह पूर्वी सीमा पर भारत के खिलाफ पाकिस्तानी फौज के साथ मिलकर लड़ेंगे।

मुंबई पर हमले के बाद भारत सरकार के रवैए का ही परिणाम है कि कुछ दिन पहले कई टीवी चैनलों पर प्रतिबंध लगवाने वाले आईएसआई के अधिकारी अब पाकिस्तानी मीडिया की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। इनका कहना है कि पाक मीडिया ने अपनी देशभक्ति साबित कर दी है। सेनाध्यक्ष अशफाक परवेज कियानी ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को स्पष्ट कर दिया है कि भारत द्वारा दबाव बढ़ाने पर कबाइली इलाकों में तैनात सैनिकों को हटाकर पूर्वी सीमा पर तैनात करना मजबूरी होगी। दिक्कत यह है कि ऐसा करने पर अमेरिका द्वारा आतंकवाद के खिलाफ छेड़ी गई जंग को जारी रखना संभव नहीं होगा।

यही बात पाक सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया से कही है। मुंबई में हमले पर वॉशिंगटन और लंदन की कड़ी प्रतिक्रिया का भी यही कारण है। पाक सेना के अधिकारियों का मानना है कि हालांकि वॉशिंगटन और लंदन से आई टेलीफोन कॉल्स ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद के तापमान को कम किया है, लेकिन आगामी कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण होंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री गिलानी ने भारत के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आश्वस्त किया था कि वे जांच में मदद करने के लिए आईएसआई के महानिदेशक को भारत भेजेंगे। अपनी कैबिनेट के इस बाबत बात नहीं करने के कारण कई मंत्री उनसे नाराज हैं। कैबिनेट की बैठक में कई मंत्रियों ने गिलानी को स्पष्ट रूप से कहा कि वे भविष्य में इस तरह के वक्तव्य न दें, क्योंकि ऐसा होने पर उन्हें अपने वक्तव्य वापस लेने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

कैबिनेट की बैठक में हमले पर गहन विचार-विमर्श करते हुए मंत्रियों ने इस बात पर हैरानी जताई कि हमलावरों ने कभी भी पूरी न होने वाली हैदराबाद डैक्कन (आंध्र प्रदेश) को आजाद करवाने संबंधी मांग क्यों रखी? भारत और पाकिस्तान के किसी भी अलगाववादी संगठन ने पहले कभी ऐसी मांग नहीं की। कैबिनेट ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि दोनों मुल्कों के बीच तनाव को कम करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। एक मंत्री का यह भी कहना था कि हमले के बाद भारतीय मीडिया द्वारा पाकिस्तान पर हमला करने का एक फायदा यह भी हुआ है कि स्थानीय मीडिया ने आंतरिक मुद्दों को लेकर सरकार की खिंचाई करने के स्थान पर भारत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मुंबई पर हुए हमले ने हमें कई सबक सिखाए हैं। इस हमले ने यह भी साबित कर दिया है कि कुछ आतंकवादी कभी भी पूरे क्षेत्र की शांति तहस-नहस कर सकते हैं। दोनों देशों की सरकार और मीडिया उन लोगों के हाथों में खेलने के लिए तैयार रहती है जो शांति नहीं चाहते। भारत या पाकिस्तान में जल्द ही कोई बड़ा आतंकी हमला होने पर स्थिति और भी ज्यादा खराब हो सकती है। भारत-पाक के बीच मीडिया-वार से आहत पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की पहली महिला स्पीकर डॉ. फहमीदा मिर्जा का कहना है कि उन्होंने कई पत्रकारों से बात कर उन्हें भारत के खिलाफ माहौल बनाने से बाज आने के लिए कहा है, क्योंकि ऐसा करना दोनों मुल्कों के हित में नहीं है।

हमले को एक बड़ी साजिश करार देते हुए उनका कहना है कि संबंधों की बेहतरी के लिए वे जल्द ही भारत में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से मिलने की कोशिश करेंगी। डॉ. फहमीदा ने कहा कि एक मां होने के नाते मैं भारत और पाकिस्तान की मांओं का एक मंच बनाना चाहती हूं ताकि वे अपने बच्चों को एक-दूसरे के साथ लड़ने से रोकें।
-लेखक पाकिस्तान स्थित जियो टीवी से जुड़े हैं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: