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इंदौर. 17 दिसंबर से शुरू होने वाली सेमेस्टर परीक्षा के पहले छात्रों को ‘डमी एक्जाम’ के दौर से भी गुजरना होगा। पहली बार सेमेस्टर परीक्षा देने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा विभाग तरीका सिखाना चाहता है। विभाग के इस फरमान से कॉलेज प्रबंधनों की हालत खराब हो गई है। कम उपस्थिति, सेमेस्टर और प्राइवेट परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ अब डमी पेपर की ताबड़तोड़ व्यवस्था कॉलेजों को करना होगी।
बीकॉम व बीए प्रथम वर्ष के 10 हजार से ज्यादा छात्रों को सेमेस्टर परीक्षा के तौर तरीके सिखाए जाएंगे। शासकीय कला व वाणिज्य महाविद्यालय में गुरुवार से डमी पेपर शुरू होंगे। प्राचार्य डॉ. एसके शर्मा ने बताया उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर यह काम किया जा रहा है। सेमेस्टर के पर्चे परंपरागत परीक्षाओं से अलग होंगे। छात्रों को सेमेस्टर सिस्टम से परीक्षा देने में दिक्कत न हो इसलिए नकली परीक्षा का सहारा लिया जा रहा है। हर कॉलेज को अपने स्तर पर यह टेस्ट कराना है।
सौ रुपए काटकर फीस वापस करें
तकनीकि परीक्षाओं के द्वितीय चरण की काउंसिलिंग शुरू होने के साथ कॉलेजों में फीस वापसी के विवाद सामने आने लगे हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रोविजनल एडमिशन के मामलों में सौ रुपए प्रोसेसिंग फीस काटकर बाकी फीस वापस करने के आदेश प्राचार्यो को दिए हैं।