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इंदौर. मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद भास्कर ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। यहां कोई कभी भी प्रवेश कर सकता है। किसी भी आने-जाने वाले से पूछताछ नहीं होती। इससे पता चलता है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी सुरक्षा इंतजामों के प्रति कितनी संजीदा है।
कहने को सीआईएसएफ के 125 जवानों का अमला हर समय सुरक्षा के लिए मौजूद रहता है लेकिन हालात कुछ और ही बयां करते हैं। मुख्य प्रवेश द्वार से एयरपोर्ट डायरेक्टर के कार्यालय तक पहुंचने में एक बार भी किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की जाती। ऐसे में कब कौन व्यक्ति किस इरादे से और क्या लेकर अंदर गया, इसका पता लग पाना मुश्किल ही है।
सुरक्षा के बड़े हवाई दावे
आंतरिक सुरक्षा में एयरलाइंस कंपनियों की भागीदारी भी है। यात्रियों के लगेज का परीक्षण करने के अलावा हर संदिग्ध वस्तुओं पर एयरलांइस कंपनियों का सुरक्षा विभाग नजर रखता है। एयर इंडिया की सुरक्षा विंग में तीन कर्मचारी हैं जो ब्यूरो ऑफ एविएशन सिक्युरिटी से प्रमाणित हैं। इनके अलावा प्रशासन ने चार होमगार्ड के जवान भी दे रखे हैं। कंपनी के विमान के पास खड़े कर्मचारी यात्रियों को बोर्डिग कार्ड पर सिक्युरिटी स्टाम्प की तस्दीक करने के बाद ही प्लेन में चढ़ने देते हैं।
बसे तगड़ा सुरक्षा स्टाफ जेट एयरवेज के पास ही है। उसकी 20 कर्मचारियों की अलग ही विंग है जो हर स्थिति पर नजर रखती है। इनके पास एक्सप्लोसिव टेस्ट डिटेक्टिव मशीन के अलावा स्पेशल एक्स-रे मशीन भी है। इनसे जांच के बाद कर्मचारी भी यात्रियों के सामान की जांच करते हैं।
गफिशर ग्रुप के विजय माल्या ने मुंबई की घटना के बाद मेल से सुरक्षा इंतजाम और तगड़े करने को कहा है। इस एयरलाइंस के पास 35 कर्मचारियों का स्टाफ है जो कमर्शियल काम के साथ सुरक्षा इंतजामों की जिम्मेदारी भी संभालता है।