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इंदौर. महू विधानसभा क्षेत्र में एबी रोड से मात्र 500 मीटर दूरी पर एक गांव ऐसा भी है जहां आजादी के 61 साल बाद भी आने-जाने के लिए सड़क नहीं बन सकी। लिहाजा कई बार यहां बैलगाड़ी भी अटक जाती है और पैदल जाने में तो कई ठोकरें खाना पड़ती हैं।
बात है इंदौर से महज 50 किमी दूर और तेजी से फोरलेन में तब्दील हो रहे मुंबई-आगरा राजमार्ग से सटे गांव कालीकिराय की। आठ दिन पहले लगातार कई दिनों तक गांव के विकास को लेकर दिखाए गए सपनों ने यहां के लोगों को एक बार फिर उम्मीद बंधाई है। जामसिंह, मोहनभाई, गजराभाई, कैलाशभाई ही नहीं, पड़ोसी गांव आवलीपुरा के 80 वर्षीय गोविंद की भी इच्छा है कि कम से कम स्कूल जाने वाले उनके बच्चों के लिए तो यहां सड़क बन ही जाए।
उन्होंने पूरी उम्र वादे सुनने और उनके पूरे न होने की दास्तां बयां कर गांव के साथ हुए सौतेले व्यवहार पर नाराजी जताई। वे बोले मेरी एक ही अरज है आवलीपुरा में सड़क बन जाए ताकि मेरे बच्चों को तकलीफ न झेलना पड़े.। इसके अलावा 18-20 घंटे होने वाली बिजली कटौती पर उन्होंने कहा यह अंधेरा अब आंखों में उतर आया है।
बोले रात में घड़ी-चार घड़ी के लिए बिजली आती है लेकिन तब तक पूरा गांव सो जाता है। जामसिंहभाई ने कहा दिन के उजाले में एबी रोड और रात में उस पर दौड़ती गाड़ियों की लाइट नजर आती हैं लेकिन आजादी के इतने सालों बाद न तो गांव में हमें सड़क नसीब हुई, न ही उजाला। सिंचाई के लिए एक तालाब बनाया है लेकिन उससे समस्या खत्म हो गई हो ऐसा नहीं है। दूसरे तालाब के बारे में कई दिनों से सुन रहे हैं बनेगा.. पर कब इसका जवाब कोई नहीं देता।
नानी-दादी याद आ गई
चुनाव प्रचार के दौरान हाई-वे से कालीकिराय तक जाने में नानी-दादी याद आ गई। बैलगाड़ी भी ठीक से नहीं चल पा रही थी। उसमें बैठे तीन लोगों ने एक-दूसरे को थाम रखा ताकि गिर न पड़ें। इस गांव में सड़क बनवाएंगे, दूसरे तालाब भी होंगे और बिजली की समस्या का समाधान करेंगे।
-कैलाश विजयवर्गीय, लोनिवि मंत्री
इस बार बनवा दूंगा
मैं जानता हूं ग्रामीणों की एक अदद मांग है सड़क। कालीकिराय चार-पांच मजरों में बंटा है। वहां पहुंचना वाकई मुश्किलभरा है। पिछली बार फंड के अभाव में सड़क नहीं बन पाई मगर इस बार गांव में सड़क बनवाना मेरा पहला काम होगा। प्रदेश की भाजपा सरकार ने बिजली के मामले में लोगों को परेशान कर दिया है।
-अंतरसिंह दरबार, विधायक