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इंदौर. पुलिस की आपत्ति को नकारते हुए 173 भाजपा कार्यकर्ताओं को न्यायालय ने जमानत दे दी। इस दौरान न्यायालय में पुलिस बल के साथ कई अफसर तैनात थे। पुलिस अफसरों ने रिहाई न हो इसके काफी प्रयास करते हुए कुछ के आपराधिक रिकॉर्ड के साथ सूची भी कोर्ट को सौंपी थी। शाम को कार्यकर्ताओं की रिहाई का सिलसिला शुरू हो गया था।
ये सभी कार्यकर्ता विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो के हैं। एसपी की ज्यादतियों के खिलाफत करने कार्यकर्ता 1 दिसंबर को रैली के रूप में मालवा मिल चौराहा पहुंचे थे। आचार संहिता के कारण धारा 144 लगी होने से पुलिस ने पहले इन्हें रोका और नहीं मानने पर इनकी जमकर धुनाई करते हुए गिरफ्तार किया था। महिला-पुरुष सहित 286 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था जिनमें 85 महिलाओं की कोर्ट से जमानत हो गई। पुरुष कार्यकर्ताओं को जमानत नहीं देते हुए जेल भेज दिया गया था। ये सभी जिला जेल भेजे गए थे।
जमानत रुकवाने का प्रयास विफल
पहले न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक सक्सेना ने इनकी जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी। इस कारण बुधवार को अर्जी एडीजे पी.के. गोधा के न्यायालय में लगाई गई। उस दौरान एडीशनल एसपी राजेश हिंगणकर, सीएसपी व कई थाना प्रभारी भी भारी बल के साथ कोर्ट पहुंचे और जमानत रुकवाने के लिए पूरी ताकत लगाई। पुलिस फोर्स की इतनी मौजूदगी थी कि उतना एरिया पुलिस छावनी जैसा लग रहा था। परदेशीपुरा थाना प्रभारी एसएम जैदी की ओर से एजीपी ने एडीजे पीके गोधा के न्यायालय में आपत्ति पेश कर दी कि इनकी जमानत नहीं ली जाए।
आपराधिक रिकॉर्ड के साथ सौंपी सूची
पुलिस द्वारा लगाई गई आपत्ति के साथ एक सूची भी थी जिसमें गिरफ्तार कार्यकर्ताओं में से कुछ के नाम थे। उसमें कहा गया था कि इनका आपराधिक रिकॉर्ड है और ये गुंडा तत्व हैं। जेल से छूटने के बाद ये कानून व्यवस्था बिगाड़ सकते हैं। साथ ही लोगों को धमका सकते हैं। इस कारण इन्हें रिहा नहीं किया जाए। पुलिस की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता संजय जैन, जगदीश राय, हरीश राठौर, नरेश माहेश्वरी आदि ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोपहर 3.30 बजे एडीजे ने कार्यकर्ताओं को 10 हजार रुपए की जमानत और 10-10 हजार रुपए के मुचलके पर रिहा करने के आदेश जारी कर दिए। शाम छह बजे आदेश जिला जेल पहुंचे और उसके बाद रिहाई का सिलसिला शुरू हुआ और करीब डेढ़ घंटे बाद सब बाहर आ गए।
दो की जमानत नहीं
इसी आरोप में दो और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेजा गया था। इनकी जमानत आदेश नहीं पहुंचने पर इन्हें जेल से रिहा नहीं किया गया।