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इंदौर. आज देश में आतंक वाद, अत्याचार और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। इन सबको रोकने के लिए हमें जागरूक होना पड़ेगा। कुछ इस तरह के विचार बुधवार को प्रेस क्लब में लयशाला ललितकला समिति द्वारा आतंकवाद का सामना करने और समाज में जागरूकता लाने के लिए आयोजित की गई चर्चा में व्यक्त किए गए। चर्चा का विषय ‘कब तक होगा अत्याचार, क्यों मौन है साहित्य और कलाकार’ रखा गया था।
बुधवार को हुई चर्चा में बड़ी संख्या में पत्रकार, वरिष्ठ नागरिक और युवाओं ने भाग लिया। लयशाला की सचिव सविता गोड़बोले ने कहा इस परिचर्चा से लयशाला का उद्देश्य देश और समाज के लोगों में एक नवचेतना का संचार करना है। आज के समय में देश का हर नागरिक आए दिन होने वाली इन घटनाओं से आहत है। आतंकवादियों द्वारा आए दिन हमारे ही घर में घुसकर मरने-मारने का खेल खेला जाता है। इसमें कई हमारे अपने मारे जाते हैं।
यह अत्याचार हम कब तक सहन करेंगे। हमारा प्रयास संचार क्रांति के माध्यम से समाज को जागरूक करना है। देश के आजाद होने के समय से लेकर आज तक कई बार देश में अशांति, अत्याचार और आतंकवाद जैसी समस्याओं ने अपना सिर उठाया है। युवाओं, कलाकारों और साहित्यकारों को देश में अमन लाने के लिए अपनी भूमिका निभाना होगी। सभी को इस बढ़ते आतंकवाद को खत्म करने के लिए अपनी चुप्पी को तोड़ना होगा और आतंकवाद का खात्मा करना होगा। परिचर्चा में ललितकला समिति के कलाकार सहित आशान्वित परिवार के आचार्य गोपाल पुजारी, आदित्य गोड़बोले सहित कई लोग मौजूद थे।