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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. आचार संहिता लगने के बाद से अब तक चुनाव आयोग ने लगभग सवा 12 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। राज्य के 19 जिलों में 8 दिसंबर को होने वाली काउंटिंग के बाद तक चुनाव मद में खर्च जारी रहेंगे। लगभग हर जिले के निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग से अतिरिक्त फंड की मांग की है।
चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले विधानसभा चुनाव में 15 करोड़ 27 लाख रुपए सरकारी खर्च हुआ था। इसमें उप चुनाव के दौरान हुआ खर्च भी शामिल है। दूसरी ओर 2008 के विस चुनाव में अब तक केवल दो चरणों में ही सरकारी खर्च 12 करोड़ से अधिक हो चुका है। इसमें सबसे अधिक खर्च पेट्रोल, डीजल, व हेलिकाप्टरों के फेरे में हुआ है। चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि मानदेय में तो पिछले चुनावों की तुलना में अब तक कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन बाकी के अन्य सभी मदों में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। इसमें स्टेशनरी व कंप्यूटर की सामग्री शामिल है।
हेलीकाप्टर पर भारी खर्च
पिछले विधानसभा चुनाव के सवा 15 करोड़ में अकेले हेलिकाप्टर पर 6 करोड़ खर्च हुए थे। दूसरी ओर 2008 के चुनावों में नक्सली वारदातों के कारण मतदान दलों को लाने ले जाने व पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के ट्रांसपोर्टेशन में काफी अधिक फेरे हुए हैं। हेलिकाप्टर के खर्च का ब्योरा अभी चुनाव आयोग के पास आया नहीं है, लेकिन इस बार के फेरे के हिसाब से चापर का खर्च ही दस करोड़ के ऊपर चला जाएगा।
ईंधन खर्च सर्वाधिक
इस बार सबसे अधिक खर्च पेट्रोल व डीजल में हुआ। पिछले विधानसभा चुनाव से अब तक इनके दामों में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है। इसलिए भी इस मद में खर्च की रकम बढ़ गई है।