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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. चुनावी आचार संहिता के दौरान शिक्षा सचिव नंदकुमार व अन्य अफसरों के शैक्षणिक टूर पर लंदन जाने का मामला गर्मा गया है। चुनाव आयोग ने शासन ने न सिर्फ इस दौरे का ब्योरा मांगा है बल्कि इस बात पर भी ऐतराज किया गया है कि आखिर आयोग की अनुमति के बगैर अफसर विदेश दौरे पर चले कैसे गए? राज्य निर्वाचन आयोग के सीईओ डा. आलोक शुक्ला ने यही कहा कि इस मामले में शासन से जानकारी मांगी गई है।
सूत्रों ने बताया कि शिक्षा सचिव नंदकुमार विभाग के दस सदस्यों की टीम के साथ इस समय लंदन दौरे पर हैं। यह पूरा दल शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत ब्रिटेन गया है। वहां सारे लोग स्कूल मैनेजमेंट के गुर सीखेंगे। इस दल में शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ-साथ प्राचार्य व व्याख्याता भी हैं।
इधर, राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद (एससीईआरटी) के संयुक्त संचालक एनपी कौशिक भी दस सदस्यों के दल के साथ 5 दिसंबर को नीदरलैंड की यात्रा पर जा रहे हैं। दोनों ही मामलों में चुनाव आयोग ने जीएडी से जवाब मांगा है। उल्लेखनीय है कि अधिकारियों व कर्मचारियों के विदेश दौरे पर जाने से पहले सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेना जरूरी है लेकिन माना जा रहा है कि इस दल ने सामान्य प्रशासन विभाग को दौरे की सूचना तक नहीं दी थी। यही वजह है कि आयोग सामान्य प्रशासन विभाग से जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग भी कर रहा है।
इनका क्या होगा?
अफसरशाही, खासकर मंझौले अफसर में इस घटना की जमकर चर्चा है। कुछ अफसरों ने दैनिक भास्कर से कहा कि चुनाव आयोग डिप्टी कलेक्टरों, तहसीलदारों तथा अन्य छोटे अफसरों को मामूली गलती में भी तुरंत सूली पर चढ़ा देता है। सस्पेंशन जैसी कार्रवाई मिनटों में की जाती है। अब सचिव स्तर के अफसर आयोग के निर्देश के उल्लंघन के दायरे में आए हैं। उनका कहना है कि आयोग अब क्या करेगा, यह देखनेवाली बात है।