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नई दिल्ली. पिछले कई माह से तमिलनाडु में गूंज रहा श्रीलंकाई तमिलों की सुरक्षा का मुद्दा गुरुवार को एक हल के करीब पहुंचता नजर आया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। बाद में करुणानिधि ने बताया कि प्रधानमंत्री ने विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी को कोलंबो भेजने का फैसला किया है ताकि वे श्रीलंकाई सरकार पर लिट्टे से संघर्षविराम के लिए दबाव डालने की कोशिश कर सकें। करुणानिधि ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात की।
करुणानिधि ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों को बताया, ‘मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे प्रणव मुखर्जी को भेजें जो श्रीलंका सरकार को कड़ी चेतावनी देकर तत्काल संघर्ष विराम और शांति वार्ता शुरू करवा सकें।’ उन्होंने बताया कि मुखर्जी के साथ और कौन जाएगा इसका निर्णय बाद में किया जाएगा।
कौन कौन था बैठक में
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुलाकात के दौरान विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी तथा तमिलनाडु प्रदेश कांग्रेस, डीएमके, पीएमके, भाकपा तथा अन्य छोटे दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
क्या चाहते हैं भारत के तमिल
>> श्रीलंका सरकार लिट्टे के खिलाफ सैन्य अभियान तत्काल रोके ।
>> इस संघर्ष की चपेट में आए तमिलों की रक्षा, भोजन, इलाज व राहत के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
>> श्रीलंका सरकार अंतरराष्ट्रीय राहत दलों के साथ सहयोग करे।