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नई दिल्ली.
केंद्रीय खेल मंत्री एमएस गिल ने विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियन एमसी मैरीकॉम को बेशक आश्वासन दिया हो कि 2009में देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न के लिए चयन करते समय उनके साथ न्याय किया जाएगा, लेकिन उनके इस आश्वासन से यह स्थिति बनती दिखाई दे रही है कि अगले वर्ष तीन खिलाड़ी इस पुरस्कार के लिए संयुक्त रूप से दावेदार होंगे।
बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार और मुक्केबाज विजेंद्र ¨सह पहले ही राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहें हैं और अब मैरीकॉम को खेल मंत्री से मिले आश्वासन ने एक दिलचस्प स्थिति पैदा कर दी है।
चीन के ¨नगबाओ शहर में पांचवीं विश्व महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली मैरीकॉम ने अपनी इस उपलब्धि के बाद खासी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था कि खेल रत्न बनने के लिए आखिर उन्हें कितने खिताब जीतने पड़ेंगे। मैरीकॉम का यह चौथा विश्व खिताब था।
मैरीकॉम ने कहा था ‘भारतीय क्रिकेट कप्तान महेन्द्र ¨सह धोनी को सिर्फ एक विश्व कप जीतने के लिए खेल रत्न पुरस्कार दे दिया गया लेकिन मैं अब तक यह समझ पाने में विफल रही हूं कि मुझे इस पुरस्कार के लिए क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। आखिर इसके लिए मुझे कितने खिताब जीतने पड़ेंगे। विश्व चैंपियन बॉक्सर की इस नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए खेल मंत्री ने उन्हें बुलाकर आश्वासन दिया था कि इस बार उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।
इस बात में कोई संदेह नहीं कि चार बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम को उनकी उपलब्धियां देखते हुए काफी पहले राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार मिल जाना चाहिए था। साथ ही एक दिलचस्प स्थिति भी बनने लगी है कि अगले वर्ष कितने खिलाड़ियों को यह पुरस्कार मिलेगा।
देश को बॉक्सिंग में पहला ओलंपिक पदक दिलाने वाले विजेंद्र हर लिहाज से इस पुरस्कार के दावेदार हैं। देश को १९५२ के हेल¨सकी ओलंपिक के बाद ५६ वर्षो बाद कुश्ती में कांस्य पदक दिलाने वाले सुशील भी इस पुरस्कार के विजेन्द्र जितने ही दावेदार हैं।