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नई दिल्ली.
मुंबई में आतंकी हमले के बाद पूरी भारतीय टीम असहाय महसूस कर रही थी। टीम निराश थी। यह निराशा तब और बढ़ रही थी, जब हम टीवी पर उन हमलों के दृश्य देख रहे थे। भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने यह बात वीरवार को कही। इरफान इस आतंकी हमले के बाद आहत और गुस्से से भरे हुए हैं। इरफान ने कहा कि हम 26 नवंबर को कटक में इंग्लैंड से वनडे मैच जीतकर बेहद उत्साहित थे।
मैच के बाद हम सामान्यत: ‘मैन ऑफ द मैच’ और दूसरों के साक्षात्कार टीवी पर देखते हैं, जिससे कि उनकी खिंचाई की जा सके। उस दिन भी हम ऐसा ही कर रहे थे कि टीवी पर मुंबई में आतंकी हमले की खबरें आने लगीं। इस खबर के बाद हम अपनी सीटों से चिपक से गए। हम आहत और असहाय से सुबह तक टीवी देखते रहे।
टाटा टैलीसर्विसेज के ब्रांड एंबेसडर इरफान ने कहा कि मुंबई में जो भी हुआ, वह बेहद शर्मनाक था। टाटा टैलीसर्विसेज के प्रमोशन के लिए दिल्ली आए इरफान ने कहा कि जब मुंबई में आतंकी कहर बरपा रहे थे, उस वक्त हम अपने आप से यही सवाल कर रहे थे कि आखिर क्यों हम कुछ नहीं कर सकते।
चैरिटी मैच की योजना
इरफान ने कहा कि टीम मुंबई हमलों के पीड़ितों की सहायतार्थ कुछ चैरिटी मैच खेलने की योजना बना रही है। हो सकता है निकट भविष्य में हम कुछ चैरिटी मैच खेलें।
आतंकवाद का कोई धर्म नहीं
क्या मुसलमान होने के नाते वे भयभीत महसूस करते हैं, का जवाब नहीं में देते हुए इरफान ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। कोई भी धर्म बेकसूरों की हत्या को जायज करार नहीं देता।