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मुंबई मुंबई में आतंकी हमले के बाद जनता में भारी आक्रोश के बावजूद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा और अभिनेता बेटे रितेश देशमुख के साथ होटल ताज और ओबेरॉय का दौरा करना आत्मघाती साबित हुआ। इसको लेकर उनकी जबर्दस्त आलोचना हो रही थी और कुछ पार्टी नेता भी उनकी इस हरकत से नाखुश थे।
यह भी कहा जा रहा है कि रितेश अपने पिता के लिए फिर दुर्भाग्यशाली साबित हुए। इससे पहले जनवरी 2003 में रितेश की पहली फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ को प्रमोट करने के विवाद में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
राहुल-प्रियंका भी थे नाराज :
सूत्र कहते हैं कि विलासराव ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए लॉबिंग करके अपना खेल बिगाड़ लिया। लॉबिंग का ही असर था कि शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इस्तीफे की पेशकश करने के बावजूद वे बच गए। हमले के बाद पूरे देश, खासकर मुंबई में जिस तरह लोग नेताओं के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे थे, उससे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी और प्रियंका देशमुख को हटाने पर एकराय हो गये।
इसके बाद देशमुख के लिए लॉबिंग करने वाले अहमद पटेल, दिग्विजय सिंह, राजीव शुक्ला जैसे नेताओं के तेवर ठंडे पड़ गये। केंद्रीय कृषि मंत्री एवं राकांपा सुप्रीमो शरद पवार से अनबन ने भी विलासराव को भारी पड़ी।