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नई दिल्ली.
वैश्विक वित्तीय संकट में फंसी दुनियाभर की कंपनियों ने लागत घटाने के उपाय तेज कर दिए हैं। दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में दिख रहे भारत में तीन माह में ६५,क्क्क् से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाला जा चुका है। वहीं, देश की आईटी कंपनियों में काम कर रहे करीब ६क्,क्क्क् संविदा कर्मचारियों को भी अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
दूसरी ओर अमेरिका में निजी कंपनियों ने नवंबर माह में ही करीब २.५ लाख लोगों को काम से बाहर कर दिया है, जो पिछले छह वर्ष में वहां के निजी क्षेत्र में हुई सबसे बड़ी छंटनी है।
आधिकारिक सर्वे में हुआ खुलासा
भारत : सरकार द्वारा 21 कंपनियों पर कराए गए सर्वे में पता चला है कि इन्होंने अगस्त से अक्टूबर के बीच 65,507 लोगों की छंटनी की है। इसमें 9,000 से अधिक लोग निर्यात आधारित इकाइयों में कार्यरत थे। वहीं, मंदी के चलते निर्यातकों को 1,792 करोड़ रुपए मूल्य के आर्डरों से हाथ धोना पड़ा है।
अमेरिका : एडीपी नेशनल इम्पलॉयमेंट सर्वे से पता चला है कि वहां नवंबर में घटी कुल 2.5लाख नौकरियों में 1.58 लाख तो उत्पादन क्षेत्र से तालुक रखती हैं।
टाटा की इकाइयों पर दबाव ज्यादा
टेलकॉन : टेल्को कंस्ट्रक्ट इक्विपमेंट कंपनी अपना जमशेदपुर संयंत्र गुरुवार से तीन दिन के लिए (4-6 दिसंबर) बंद करने जा रही है। बंदी की अवधि कर्मचारियों की कैजुअल व प्रिविलेज छुट्टियों में घटाई जाएगी।
टीसीएस : देश की अग्रणी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सीईओ सुब्रमणियम रामदोराई के अनुसार कंपनी तकनीकी अधिग्रहण व इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च से ध्यान हटाना चाहती है।
टाटा स्टील :
देश की सबसे बड़ी निजी इस्पात निर्माता अपने देशभर के संयंत्रों से कम कुशल कर्मचारियों को हटाने की तैयारी कर रही है। यह ईएसएस (एक तरह की स्वैच्छिक योजना) के तहत किया जा रहा है। कंपनी हालांकि अपने इस कार्रवाई के लिए वैश्विक मंदी को जिम्मेदार नहीं ठहरा रही है, लेकिन जानकार उसके बयान से सहमत नहीं हैं।
विप्रो में फ्रेशर्स की भर्ती रुकी :
वैश्विक मंदी का शिकार विप्रो टेक. ने हाल में कैम्पस प्लेसमेंट में चुने गए कुल 13,500 स्नातकों में करीब 9,800 की नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है।
मुश्किलों में घिरा रियल इस्टेट उद्योग :
रियल इस्टेट कंपनी ओमेक्स ने पिछले दो माह में अपने 70 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है व अन्य कई के वेतन में दस फीसदी कटौती की है।
जिंबाब्वे ने जारी किया दस करोड़ डॉलर का नोट :
करोड़ों फीसदी मुद्रास्फीति से जूझ रहे जिंबाब्वे को मुद्रा का मूल्य घटने के कारण दस करोड़ डॉलर का नोट जारी करना पड़ा है। वहां के एक लाख डॉलर का मूल्य एक अमेरिकी डॉलर या करीब ५क् रुपए के बराबर है। जिंबाब्वे की मुद्रास्फीति जुलाई में ही 21.3 करोड़ फीसदी पहुंच गई थी।
टेलीकॉम इटेलिया में घटेंगी नौकरियां : कर्ज से घिरी टेलीकॉम इटेलिया अपनी ३.८२ अरब डॉलर की परिसंपत्तियां बेच कर धन जुटाने जा रही है। जल्द ही वह अपनी वर्क फोर्स को पांच फीसदी घटाने की कार्रवाई भी करेगी। यह यूरोप की पांचवीं सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है।
अल्तॉस में लंबी छंटनी :
मैक्सिको की प्रमुख स्टील कंपनी अल्तॉस हॉर्नोस अपने १२,क्क्क् कर्मचारियों को निकालने की योजना पर काम कर रही है। उसने २८.७ करोड़ डॉलर मूल्य की अपनी परियोजनाएं भी आगे बढ़ा दी हैं।
गठजोड़ के लिए कर्मचारी निकालेगी स्पेनिश एयरलाइंस : ब्रिटिश एयरवेज के साथ व्यावसायिक गठजोड़ कायम करने का प्रयास कर रही है स्पेन की आईबेरिया एयरलाइंस अपने एक हजार कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी कर चुकी है।
अमेरिका पर सर्वाधिक संकट-
मेरिल लिंच : बैंक ऑफ अमेरिका में विलय के लिए तैयार वित्तीय सेवा प्रदाता मेरिल लिंच ने अपने कर्मचारियों का सालाना बोनस पचास फीसदी घटाने का फैसला किया है।
जनरल मोटर्स :
अमेरिकी दिग्गज वाहन निर्माता ने 31,500 लोगों को नौकरी से निकालने की तैयारी कर ली है। जीएम दिवालिया होने की कगार पर खड़ी है और उसने सरकार से बेलआउट (राहत) पैकेज की मांग की है।
यूएसएससी :
यूनाइटेड स्टेट्स स्टील कॉपरेरेशन ने अपने तीन संयंत्रों को अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। वह करीब ३,५क्क् कर्मचारियों को निकालने जा रही है।
देश में हालात>> टीसीएस घटाएगी सभी पूंजीगत खर्च
>> टाटा स्टील निकालेगी अपने कर्मचारी
>> टेलकॉन बंद करेगी अपना जमशेदपुर संयंत्र
>> विप्रो ने रोकी नियुक्ति
>> रियल इस्टेट कंपनी ओमेक्स ने निकाले कर्मचारी, घटाया वेतन
बाकी दुनिया में>> जिंबाब्वे में मुद्रास्फीति करोड़ों फीसदी
>> जनरल मोटर्स में होगी ३१,५क्क् लोगों की छंटनी
>> मैक्सिकन व अमेरिकी स्टील निर्माता निकालेंगे कर्मचारी
>> स्पेनिश एयरलाइंस में घटेंगी १,क्क्क् नौकरियां
>> मेरिल ने पचास फीसदी घटाया कर्मचारियों का बोनस
>> परिसंपत्तियां बेचने को मजबूर यूरोप की पांचवीं सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी