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राजस्थान में छिटपुट हिंसा के बीच 68 फीसदी मतदान

जयपुर.राजस्थान विधानसभा की सभी 200 सीटों पर गुरुवार को छिटपुट हिंसक घटनाओं के बीच 68 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। इस बार सत्तारूढ़ भाजपा व विपक्षी कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला है। कुल मिलाकर 154 महिलाओं समेत कुल 2194 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

सुरक्षा के लिए सभी 33 जिलों में 42212 मतदान केंद्रों पर पुलिस व अर्धसैनिक बलों के करीब एक लाख जवान तैनात किए गए थे।

राज्यपाल को करना पड़ा इंतजार: जयपुर में सिविल लाइंस के यश विद्या मंदिर बूथ पर तब अजीब स्थिति बन गई जब मतदान करने पहुंचे राज्यपाल एसके सिंह व उनकी पत्नी को खराब वोटिंग मशीन के कारण करीब 25 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। चुनाव आयोग के प्रवक्ता के मुताबिक मशीन बदलने के बाद राज्यपाल व उनकी पत्नी ने वोट डाला। राज्य के करीब सौ मतदान केंद्रों से मशीन खराब होने के कारण वोटिंग में दिक्कत आने की शिकायतें मिली हैं।

इनकी किस्मत दांव पर :

वीरवार को हुए मतदान में जिन नेताओं की किस्मत दांव पर लगी है उनमें राज्य की मुख्यमंत्री व भाजपा नेता वसुंधरा राजे (झालरा पाटन) तथा पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता अशोक गहलोत (सरदारपुरा) के अलावा पूर्व उप राष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी तथा गुजरात के राज्यपाल नवल किशोर शर्मा के बेटे ब्रिज किशोर शर्मा शामिल हैं।

इनमें त्रिकोणीय मुकाबला:

प्रदेश के 12 दिग्गज नेता त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे हुए हैं। इनमें से अधिकांश के सामने उन्हीं की पार्टी के बागी अथवा अधिकृत प्रत्याशी खड़े हैं। इनमें विस अध्यक्ष सुमित्रासिंह, विस में नेता प्रतिपक्ष हेमाराम चौधरी, पूर्व मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा, भाजपा सांसद रघुवीरसिंह कौशल, कांग्रेस के पूर्व सांसद द्वारका प्रसाद बैरवा, कांग्रेस की पूर्व मंत्री बीना काक, कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष परसराम मदेरणा के पुत्र महिपाल मदेरणा, कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष परसराम मोरदिया व पूर्व मंत्री हरेन्द्र मिर्धा शामिल हैं।

इनमें सीधी टक्कर:

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष ममता शर्मा, पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम, भाजपा सांसद श्रीचंद कृपलानी, पूर्व सांसद उदयलाल आंजना, भाजपा सांसद किरण माहेश्वरी, सरकारी मुख्य सचेतक महावीर प्रसाद जैन, गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया पूर्व वित्त मंत्री प्रद्युम्नसिंह तथा कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी.डी. कल्ला सीधी टक्कर में हैं।

इनसे है परेशानी :

चुनाव मैदान में कांग्रेस के 56 व भाजपा के 54 बागी प्रत्याशी भी मौजूद हैं। बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी के मैदान में होने से भी कांग्रेस व भाजपा की परेशानियां बढ़ गई हैं।

हिंसक घटनाओं में एक दर्जन घायल:

मतदान के दौरान राज्य के विभिन्न इलाकों में करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

अलवर जिले के थानागाजी विस क्षेत्र के नीमला गांव में निर्दलीय प्रत्याशी कांति मीणा के समर्थकों व विरोधियों के बीच हिंसक झड़प के चलते मतदान कुछ देर तक रोकना पड़ा।

- इसी तरह भरतपुर जिले के महुआ क्षेत्र में अनुसूचित जाति के लोगों ने यह शिकायत करते हुए एक थाने का घेराव कर लिया कि उन्हें उच्च वर्ग के लोगों द्वारा वोट देने से रोका जा रहा है।

- कोटा जिले के लाडपुरा विस में बाड़ीखेड़ा गांव में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सीआरपीएफ के एक जवान ने गोलियां चला दीे। इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

- दिल के दौरे से मतदान अधिकारी की मौत: उदयपुर के झाडोल विस क्षेत्र में मतदान शुरू होने से ठीक पहले आडोल मतदान केंद्र के रिर्ट्िनग अधिकारी अनिल कोठारी की दिल के दौरे की वजह से मौत हो गई। उनके परिजनों को 1.25 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।





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