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भारत से मजबूत संबंध चाहता है रूस

मॉस्को. रूस के राष्ट्रपति द्मित्री मेदवेदेव ने वीरवार को भारत को ‘विशेष देश’ करार देते हुए कहा है कि रूस उसके साथ सैन्य और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाकर संबंध और गहरे करना चाहता है। उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि उनका देश भारत को परमाणु पनडुब्बी लीज पर दे सकता है।

रूस के पास परमाणु चालित लेकिन परंपरागत हथियारों युक्त पनडुब्बियों के अलावा रणनीतिक परमाणु हथियारों से लैस पोतों का बड़ा बेड़ा भी है। मेदवेदेव ने यहां भारतीय पत्रकारों से कहा, ‘हम परमाणु पनडुब्बियों को लीज पर देने के सहयोग के बारे में भी बातचीत कर रहे हैं।’

भारत के फिलहाल अपने पड़ोसी पाकिस्तान से संबंध तनावपूर्ण चल रहे हैं। इन दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। गौरतलब है कि भारतीय मीडिया ने ऐसी रिपोर्टे दी थीं कि भारत नेरपा समेत कुछ परमाणु पनडुब्बियों को लीज पर लेने में रुचि रखता है। रूसी सेना ने इन रिपोर्टो को खारिज किया था।

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘निकट भविष्य में परमाणु क्षेत्र में हम नई परियोजनाएं शुरू करने में समर्थ होंगे।’ उनके मुताबिक, दोनों देश नई पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और एक सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल को विकसित करने के लिए एक साथ काम कर सकते हैं। मेदवेदेव ने कहा कि वे बहुत गहरी और वास्तविक रुचि के साथ भारत आ रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों से भारी विमानवाहक पोत एडमिरल गोर्शकोव की सुपुर्दगी से संबंधित करार की संशोधित शर्तो पर राजी होने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने इसके आधुनिकीकरण की योजना को क्रियान्वित रखने का भरोसा भी जताया।

रिश्तों को और गहरा करना चाहेंगे

भारत की तीन दिनी यात्रा पर आए मेदवेदेव ने दूरदर्शन को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘पूर्व में भारत के साथ हमारे रक्षा, सुरक्षा और हथियारों के व्यापार जैसे क्षेत्रों में संबंध खरीददार-विक्रेता के रिश्तों पर आधारित थे। हम अब इन रिश्तों को और गहरा करना चाहेंगे।’





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