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न्यूयॉर्क.
कौन है जो भारतीय लोगों को हाल के आतंकवादी हमलों के बाद एकजुट कर सकता है? कौन है जो देश को ऐसे हालात में आगे बढ़ा सकता है? अमेरिकी पत्रिका फोब्र्स की मानें तो यह काम टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा कर सकते हैं। पत्रिका ने उन्हें भारतीय उद्योगों का कप्तान करार देते हुए उनकी तुलना अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा से की है।
ओबामा जैसे नेता की जरूरत :
पत्रिका ने कहा है कि मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद पूरी दुनिया की सहानुभूति भारत के साथ है। ऐसे में देश को ओबामा जैसे मजबूत और विश्वसनीय नेता की जरूरत है, जिसकी निजी छवि में देश के असूलों की झलक मिल सके। जो देश को इस खराब दौर से बाहर निकालने में सक्षम हो।
जमशेदजी टाटा का अपना ‘सपना’:
ताज होटल जमशेदजी टाटा का सपना था, जिसे मुंबई के समुद्री किनारे पर बनाया गया। उन्होंने पहले लक्जरी होटल का इरादा तब बनाया जब उन्हें एक ब्रिटिश होटल में केवल इसलिए घुसने नहीं दिया गया, क्योंकि वे श्वेत नहीं थे। इसीलिए ताज होटल को उपनिवेशवाद के बाद के उस दौर के प्रतीकचिह्न् के रूप में जाना जाता है, जिसमें भारत सफल, सम्मानित, मजबूत व प्रेरणास्रोत के रूप में जाना गया।
सबसे सम्मानित उद्योगपति :
फोब्र्स एशिया की वरिष्ठ संपादक रॉबिन मेरेडिथ ने अपने साप्ताहिक कॉलम में लिखा है कि रतन टाटा कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं, लेकिन वे भारत के सर्वाधिक सम्मानित उद्योगपति हैं। उनके समूह का ताज होटल, जिसे हाल में आतंकवादियों ने अपना निशाना बनाया, भारत के गौरवशाली इतिहास से जुड़ा हुआ है।