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भिवानीहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का एक फैसला उसके गले की फांस बन गया है। 12वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए बनाया गए बार कोड से करीब एक लाख विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम उलझ गया है। बार कोड उलट-पुलट होने से कम्प्यूटर उत्तर पुस्तिकाओं पर लगे गोपनीय अंकों को नहीं ले पा रहा और परिणाम बनाने में देरी हो रही है।
बोर्ड ने बार कोड की समस्या सुलझाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी लगाए हैं लेकिन समस्या फिलहाल हल होती नजर नहीं आ रही। हालांकि बोर्ड के अधिकारी बार कोड की समस्या को बड़ी समस्या नहीं मान रहे हैं लेकिन परिणाम में देरी से भी साफ तौर पर इनकार नहीं कर पा रहे हैं।
क्या है बार-कोड: उत्तरपुस्तिकाओं की गोपनीयता बरकरार रखने के लिए रोल नंबर पर एक स्लिप लगाई जाती है। उस स्लिप पर परीक्षार्थी का नाम व कक्षा तथा कम्प्यूटरी भाषा में रोल नंबर अंकित होता है। इसे केवल कम्प्यूटर पढ़ सकता है। बोर्ड ने यह व्यवस्था केवल 12 वीं कक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं में लागू की थी। उत्तर पुस्तिकाओं पर लगे बार कोड सिस्टम से एक लाख परीक्षार्थियों के सही रोल नंबर नहीं मिल पा रहे हैं।
12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम तैयार करने में बोर्ड के कर्मचारी जुटे हुए हैं। बार कोड की समस्या भी जल्द सुलझा ली जाएगी, इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं।
-मंजू भंडारी, उप सचिव,शिक्षा बोर्ड।