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आप ले सकते हैं गाड़ी का पसंदीदा नंबर

भोपाल. वाहनों में विशेष या मनचाहे नंबरों के शौकीनों के लिए राहत भरी खबर। लंबे समय से वाहनों के लिए बंद पसंद के नंबरों की आवंटन प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने जा रही है।

मालूम हो कि एक जनहित याचिका की सुनवाई में उच्च न्यायालय द्वारा करीबन आठ महीने पूर्व मप्र में शुल्क लेकर विशेष नंबरों के आवंटन पर रोक लगाई गई थी, इस निर्णय के विरुद्ध मप्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय की शरण ली थी। सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में विशेष नंबरों की बिक्री पर रोक को खारिज करते हुए दोबारा आवंटन शुरू करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि न्यायालय के निर्देशों की प्रति फिलहाल परिवहन मुख्यालय को प्राप्त नहीं हुई है, जिसके मिलते ही इस प्रक्रिया को दोबारा बहाल कर दिया जाएगा।

भोपाल के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आरआर त्रिपाठी कहते हैं कि विशेष आवंटन पर स्टे मिलने की मुख्यालय से मौखिक सूचना प्राप्त हो चुकी है। न्यायालय या मुख्यालय के लिखित निर्देश प्राप्त होने के बाद व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, इंदौर दिनेश कुमार जैन बताते हैं कि प्रदेशभर में विशेष नंबरों के आवंटन की प्रक्रिया महीनों से बंद थी। आवंटन न होने से पुरानी सीरीज में ढेरों विशेष नंबर अब तक पड़े हुए थे। इससे विशेष नंबरों के शौकीनों को परेशानियां हो रही थीं, साथ ही सरकार को भी राजस्व हानि का सामना करना पड़ रहा था।

विभाग को हो रहा था नुकसान
विशेष नंबरों के आवंटन पर रोक लगने से पिछले आठ महीनों से मप्र परिवहन विभाग को प्रति माह लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा था। क्योंकि किसी भी एक वाहन की 10 हजार नंबरों की सीरीज के 400 विशेष नंबरों की बिक्री से परिवहन विभाग को 35 लाख रुपए के राजस्व की आय होती है।

वाहन कारोबार भी था प्रभावित
विशेष और पसंदीदा नंबर न मिलने से पिछले कुछ महीनों से प्रदेश में वाहन कारोबार भी प्रभावित चल रहा था। खरीदार विशेष नंबरों के आवंटन पर लगी रोक के शिथिल होने का इंतजार कर रहे थे, जिसके चलते विशेष नंबरों के आवंटन पर लगी रोक के दौरान वाहनों के कारोबार में 25 से 30 फीसदी गिरावट आई थी।

सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को स्टे दे दिया है। फिलहाल आदेश की प्रति मुख्यालय को प्राप्त नहीं हुई है, जिसके मिलने के बाद प्रदेश में दोबारा विशेष नंबरों के आवंटन की प्रक्रिया बहाल कर दी जाएगी।
-एनके त्रिपाठी, परिवहन आयुक्त





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