Breaking News 
bhaskar Web English


HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

15 हजार सीटें फिर अटकी

भोपाल. व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग पर छाए संकट के बादल अभी भी नहीं छट पाए हैं। दूसरे चरण की काउंसिलिंग शुरू होने के ठीक एक दिन पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस काउंसिलिंग प्रक्रिया पर रोक लगा दी। कुछ तकनीकी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि अभी तय नहीं की है। प्रवेश निरस्त करवाने वाले करीब दस छात्रों की ओर से हाईकोर्ट के 12 नवंबर को दिए गए फैसले के खिलाफ लगाई गई एक याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की युगलपीठ में जस्टिस बीएन अग्रवाल और जीएस सिंघवी ने फिलहाल काउंसिलिंग रोक देने के लिए कहा है। इस मामले में छात्रों की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने की। इसके बाद बीई, लेटरल एंट्री, बी फार्मा, एमबीए, एमसीए और होटल मैनेजमेंट आदि सभी पाठ्यक्रमों की दूसरे और तीसरे चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया रोक दी गई है।

यह प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होना थी। एमबीए और एमसीए की ऑनलाइन काउंसिलिंग के लिए गुरुवार को रजिस्ट्रेशन शुरू किए जा चुके थे, अब इसे भी बंद कर दिया गया है।

यह था मामला
हाईकोर्ट की युगल बेंच ने 12 नवंबर को प्रवेश निरस्त करवाने वाले छात्रों को दोबारा उन्हीं कॉलेजों में प्रवेश दिए जाने का फैसला सुनाया था। 28 नवंबर को आरजीपीवी और राज्य सरकार की अपील पर सिर्फ ऐसे छात्रों को कॉलेज बदलने की अनुमति दी थी, जिनके छोड़े गए कॉलेज में अब कोई सीट खाली नहीं है।

इन फैसलों के खिलाफ प्रवेश निरस्त करवाने वाले दस छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। छात्रों ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रवेश निरस्त करवाने के बाद नियमानुसार किसी भी कॉलेज में उपलब्ध सीटों पर प्रवेश लेने की अनुमति दी जाए। दूसरी ओर हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ छात्रों का आक्रोश तब और भड़क गया जब हाईकोर्ट की एक अन्य युगल बेंच ने प्रवेश निरस्त करवाने वाली एक छात्रा मोनिका राय की याचिका पर सिर्फ इस छात्रा को कॉलेज बदलने की अनुमति दे दी थी। छात्रों ने हाईकोर्ट के इन फैसलों के खिलाफ सवाल उठाए हैं।

बढ़ी परेशानी
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की खाली पड़ी 15 हजार सीटों को भरने की कवायद सुप्रीम कोर्ट की रोक लगने के बाद और मुश्किल में आ गई है। पिछले दो माह में इस मामले को कोर्ट के फैसलों का यह लगातार पांचवां झटका है। इन हालातों के बाद अब यह सारी सीटें लगभग खाली रह जाने की स्थितियां बन गई हैं। गुरुवार को आरजीपीवी में दिनभर यह फैसला चर्चा में रहा। यहां एक दिन बाद शुरू की जा रही काउंसिलिंग की तैयारियां अचानक ठंडी पड़ गई हैं।

वहीं, काउंसिलिंग के जानकारों का मानना है कि अब इस सत्र में खाली सीटों को भर पाना मुश्किल होगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई होने और अंतिम फैसला आने में दिसंबर भी पूरा बीत जाने के आसार हैं। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया होने तक इस सत्र की परीक्षाओं का समय आ चुका होगा।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: