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Indians Abroad Indians Abroad अहमदाबाद. वैश्विक मंदी के कारण दिवालिया होने की कगार पर पहुंच चुके विकसित देशों के प्रमुख बैंकों पर से निवेशकों का विश्वास उठ रहा है। इन देशों में रह रहे भारतीयों (खासकर गुजराती समुदाय) को ऐसे में अपने देश के बैंक ज्यादा सुरक्षित नजर आ रहे हैं, इसीलिए अब वे यहां बढ़-चढ़ कर निवेश कर रहे हैं। वे इस वित्त वर्ष में नवंबर तक यहां करीब 1,4000 करोड़ रुपए निवेश कर चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में कहीं अधिक है।
बैंक ऑफ बड़ौदा में 334 करोड़
दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय बैंक बंक ऑफ बड़ौदा में इस वित्त वर्ष में अक्टूबर तक एनआरआई डिपॉजिट्स में 334 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, अन्य बैंकों में 400 करोड़ रुपए अधिक जमा हुए हैं।
घटीं एनआरआई खातों की दरें
बैंकों ने एनआरआई ग्राहकों को लुभाने लिए उनके खातों पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। उन्हें अगले तीन से चार महीनों में इन खातों में 500 से 600 करोड़ रुपए और आने की संभावना है।