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इंदौर. स्टेट बैंक ऑफ इंदौर की एक शाखा में पदस्थ ब्रांच मैनेजर ने बुधवार रात गुना से इंदौर आने के बाद जहर खा लिया। अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में उनकी मौत हो गई। सुसाइड नोट में उन्होंने वर्क लोड तथा कर्मचारियों के असहयोग को मौत का जिम्मेदार ठहराया।
बजरंगनगर निवासी गौतम पिता भगवंत वासनिक (50) स्टेट बैंक ऑफ इंदौर की अशोकनगर (गुना) ब्रांच में मैनेजर थे। बुधवार रात करीब 12 बजे वे इंदौर पहुंचे। उनके साले विनय ने बताया श्री वासनिक की पत्नी शारदा व 18 वर्षीय बेटी सलोनी एक रिश्तेदार की शादी में गुमाश्तानगर में थे। श्री वासनिक ने उनसे बात की और कहा बजरंगनगर में ही रह रहे भाई अशोक के यहां रुक जाता हूं। सुबह करीब 4 बजे उन्हें उल्टियां होने लगी, जिसके बाद वे बेसुध हो गए।
परिजन उन्हें लेकर सीएचएल अपोलो हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित करते हुए बताया उन्होंने जहर खा लिया था। इसके बाद शव पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। उनके पास से मिले सुसाइड नोट को परिजन ने हीरानगर थाने के पीएसआई प्रीतमसिंह तिलगाम को सौंप दिया। उन्होंने बताया सुसाइड नोट में श्री वासनिक ने स्टाफ कम होने से अत्यधिक वर्कलोड तथा मौजूदा कर्मचारियों के असहयोगी रवैये को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया।
आखिरी क्षणों में बेटे से की थी बात
विनय ने बताया श्री वासनिक का 21 वर्षीय बेटा विराट बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहा है। पिता की मौत की खबर मिलते ही वह सुबह की फ्लाइट से इंदौर आ गया। उसने बताया रात में श्री वासनिक ने उसे कॉल किया था। पिता भी भारी आवाज सुनकर उसने पूछा क्या हो गया पापा तो वे बोले कुछ नहीं बस तेरी याद आ रही थी, इसलिए कॉल लगा लिया। श्री वासनिक की मौत की खबर जैसे ही परिचितों को मिली सभी भौंचक रह गए। किसी को विश्वास ही नहीं हुआ कि वे ऐसा कदम उठा लेंगे। लोगों ने बताया वे तो खुद ही इतना जिंदा दिल स्वभाव के थे कि आत्महत्या करने वाला उनसे बात कर ले तो इरादा बदल दे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।