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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. भाजपा की मप्र में पुन: सरकार बनती है तो ग्वालियर, इंदौर, सागर, जबलपुर, उज्जैन में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करवाने का प्रयास किया जाएगा। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व राज्यसभा सदस्य प्रभात झा ने कही।
श्री झा ने गुरुवार को दैनिक भास्कर को एक भेंट में बताया कि राजनीति में सफाई की अति आवश्यकता है, क्योंकि नेताओं के पुलिस में हस्तक्षेप करने एवं अनावश्यक धनपूर्ति करने के प्रति जनता में आक्रोश है। सेना व पुलिस को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीति में अपराधीकरण पर रोक लगना चाहिए। इससे फिलहाल भाजपा बची हुई है। सरकारिया आयोग ने प्रशासन व पुलिस में सुधार के लिए जो रिपोर्ट तैयार की है, उसको केन्द्र सरकार अभी तक अमल में नहीं ला सकी है।
उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा ऐसी परिस्थिति में नहीं होना चाहिए था जब आतंकवाद चरम सीमा पर है। इनके इस्तीफे से आतंकवादी अपने मकसद में सफल हो गए, क्योंकि वे चाहते हैं कि भारत की राजनीति अस्थिर हो। यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है। इन दोनों को हटाना था तो कांग्रेस को पहले ही हटा देना था। उनके इस्तीफे राजनीतिक लाभ के लिए हैं न कि देशहित में।
धन संपत्ति बढ़ाने वाले नेता सुधरें
श्री झा ने कहा कि राजनीति में ऐसे नेता आ गए हैं जो धन-संपत्ति बढ़ाने में लग गए हैं, उन नेताओं को सुधर जाना चाहिए अन्यथा ऐसे नेताओं की संपत्ति को जनता लूटेगी।
केन्द्र व महाराष्ट्र सरकार की खुली पोल
प्रज्ञा ठाकुर के मामले में श्री झा ने कहा कि केन्द्र व महाराष्ट्र सरकार आरोप और अपराध में अंतर नहीं समझ पाईं। उन्होंने कहा कि हिन्दू खून कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। खून का रंग जो लाल है वह सुहाग, संवेदनशील, स्वाभिमानी का प्रतीक है। प्रज्ञा सब कुछ कर सकती है लेकिन राष्ट्रविरोधी नहीं हो सकती।
नाराजगी अनुशासनहीनता नहीं
उन्होंने कहा कि दल में रहते हुए नाराजगी प्रकट करना अनुशासनहीनता नहीं है। दल विरोधी कृत्य अनुशासनहीनता है, यदि किसी ने इस विधानसभा चुनाव में अनुशासनहीनता की है तो वे उसके खिलाफ कार्रवाई के पक्षधर हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर व कार्यकर्ताओं की मेहनत से भाजपा की प्रदेश में पुन: सरकार बनेगी।